झारखंड में बोकारो और हजारीबाग एसपी कार्यालय से करोड़ों की अवैध निकासी के मामले की जांच अब वित्त विभाग की उच्चस्तरीय कमेटी करेगी। प्रस्ताव के अनुसार इस जांच कमेटी की अध्यक्षता एक आईएएस अधिकारी करेंगे, जबकि तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए महालेखाकार (एजी) कार्यालय के वरीय अधिकारी को भी टीम में शामिल किया जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर समग्र जांच का प्रस्ताव दिया है।
IAS अधिकारी की अध्यक्षता में बनेगी जांच टीम
वित्त मंत्री ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि बोकारो और हजारीबाग के अलावा ऐसे अन्य संभावित मामलों की भी जांच के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल गठित किया जा सकता है। साथ ही तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रधान महालेखाकार (PAG) से अनुभवी अधिकारी को टीम में शामिल करने का अनुरोध किया जाएगा।
आपराधिक पहलुओं की जांच CID को सौंपने की तैयारी
वित्त मंत्री ने यह भी सुझाव दिया है कि अवैध निकासी में आपराधिक षड्यंत्र और अधिकारियों-कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच सीआईडी से कराई जाए। इसके तहत विभिन्न जिलों में दर्ज सभी प्राथमिकी को सीआईडी को स्थानांतरित करने पर भी उच्चस्तरीय निर्णय लिया जा सकता है।
रांची कोषागार की भी शुरू हुई जांच
इधर, हजारीबाग और बोकारो में सामने आए मामलों के बाद रांची कोषागार की भी जांच शुरू कर दी गई है। पहले चरण में पुलिसकर्मियों के पिछले तीन वर्षों के वेतन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसके बाद अन्य विभागों की निकासी और भुगतान की भी जांच की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, यह जांच संभावित अनियमितताओं की आशंका को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। फिलहाल शुरुआती जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने नहीं आई है।










