जमशेदपुर: झारखंड की गौरवशाली पारंपरिक संस्कृति और आदिवासी रीति-रिवाजों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से “जोहार नाइट: राष्ट्रीय मागे पोरोब” का भव्य आयोजन कल से शुरू होने जा रहा है। इस महोत्सव के जरिए प्रदेश की लोक कलाओं, पारंपरिक नृत्य और संगीत की अनुपम झलक देखने को मिलेगी।

सांस्कृतिक विरासत का संगम
इस विशेष आयोजन में झारखंड के विभिन्न अंचलों से आए लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘मागे पोरोब’ से जुड़ी सदियों पुरानी परंपराएं और रीति-रिवाज होंगे, जिन्हें जीवंत रूप में प्रदर्शित किया जाएगा। यह महोत्सव न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि झारखंड की जड़ों से रूबरू होने का एक बड़ा मंच भी है।
नई पीढ़ी को जोड़ने की मुहिम
आयोजकों के अनुसार, इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का मूल उद्देश्य आधुनिकता के दौर में नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कृति से जोड़ना है। इसके साथ ही, पारंपरिक त्योहारों के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व को व्यापक स्तर पर प्रचारित करना भी इस आयोजन की प्राथमिकता है।
कल से शुरू होने वाले इस महोत्सव को लेकर स्थानीय लोगों और कला प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।
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