गुवाहाटी: असम की सभी 126 विधानसभा सीटों पर आज मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई। लोकतंत्र के इस महापर्व में असम के मतदाताओं ने अभूतपूर्व उत्साह दिखाया है। चुनाव आयोग के शाम 5 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 84.42% मतदान दर्ज किया जा चुका है।
चूंकि कई मतदान केंद्रों पर शाम 5 बजे के बाद भी मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं, इसलिए चुनाव विशेषज्ञों और अधिकारियों का अनुमान है कि अंतिम आंकड़ा 85% के स्तर को पार कर सकता है। यह 2021 के विधानसभा चुनाव (82.04%) की तुलना में काफी अधिक है।
प्रमुख बिंदु:
- ग्रामीण क्षेत्रों में भारी उत्साह: जलेश्वर (86.61%), मनकाचर (84.24%) और चमारिया (84.43%) जैसे ग्रामीण और मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में सबसे अधिक वोटिंग दर्ज की गई।
- शहरी क्षेत्रों में धीमी गति: गुवाहाटी के शहरी इलाकों जैसे दिसपुर (62.84%) और न्यू गुवाहाटी (60.57%) में ग्रामीण क्षेत्रों के मुकाबले मतदान की रफ्तार थोड़ी धीमी रही।
- दिग्गजों की किस्मत EVM में कैद: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (जालुकबारी), प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई (जोरहाट), और अखिल गोगोई जैसे प्रमुख नेताओं की राजनीतिक किस्मत अब मतपेटियों में बंद हो गई है।
- छिटपुट हिंसा: चुनाव के दौरान कुछ स्थानों पर समर्थकों के बीच झड़प की खबरें आईं, जिनमें करीब 30 लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।
अगला पड़ाव: 4 मई
राज्य के 35 जिलों के 31,490 मतदान केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच वोट डाले गए। अब सभी की निगाहें 4 मई 2026 पर टिकी हैं, जब मतगणना के बाद यह साफ होगा कि असम की जनता ने तीसरी बार भाजपा नीत गठबंधन को मौका दिया है या कांग्रेस की अगुवाई वाले विपक्ष की वापसी हुई है।
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