जमशेदपुर: लौहनगरी के बिरसानगर में निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभुकों के लिए अपने घर का सपना अब भी एक लंबा इंतजार बना हुआ है। साल दर साल बीत रहे हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं और निर्माण की धीमी रफ्तार ने जरूरतमंदों की उम्मीदों पर पानी फेर रखा है।

7 साल बीते, पर लक्ष्य अब भी दूर
पीएम आवास योजना का शिलान्यास 23 फरवरी 2019 को तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास ने किया था। तय योजना के अनुसार इसे दो साल यानी मार्च 2021 तक पूरा हो जाना था। हालांकि, सात साल बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य अब तक पूर्ण नहीं हो सका है।
- परियोजना की लागत: ₹505 करोड़।
- कुल निर्माण: 24 ब्लॉकों में 7372 भवनों का निर्माण हो रहा है।
- लॉटरी की स्थिति: अब तक 5366 आवासों की लॉटरी संपन्न हो चुकी है, लेकिन कब्जा मिलना बाकी है।
राहत की खबर: ड्रेनेज निर्माण के लिए 5 महीने का लक्ष्य
इसी बीच, जेएनएसी (JNAC) ने उन बाधाओं को दूर करने की कवायद शुरू की है जो गृह प्रवेश में रोड़ा बनी हुई हैं। ब्लॉक नंबर 8 और 23 के लिए ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने की योजना तैयार की गई है:
- 50 लाख का बजट: इन दोनों ब्लॉकों में नालियों के निर्माण पर लगभग 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।
- समय सीमा: निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 5 माह का समय निर्धारित किया गया है।
- जुडको की प्रगति: झारखंड अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (जुडको) के अनुसार, ब्लॉक 8 और 23 का 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है। ब्लॉक 8 को फायर विभाग से एनओसी मिल चुकी है और लिफ्ट भी लग गई है।

बिजली-पानी की चुनौती अब भी बरकरार
भले ही ड्रेनेज पर काम शुरू हो रहा हो, लेकिन एप्रोच रोड, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं अब भी पूरी तरह बहाल नहीं हुई हैं। बिजली विभाग ने 500 केवी के 8 ट्रांसफॉर्मर स्थापित कर दिए हैं और वर्तमान में मीटर जोड़ने का काम चल रहा है।
ग्रामीणों और लाभुकों का कहना है कि जब तक ये सभी काम एक साथ पूरे नहीं होते, तब तक उनका गृह प्रवेश संभव नहीं लग रहा है। प्रशासन के दावों और जमीनी हकीकत के बीच बिरसानगर के ये फ्लैट्स फिलहाल खाली खड़े हैं।
प्रभंजन कुमार , जमशेदपुर।










