जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने नई दिल्ली स्थित रेल भवन में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर चक्रधरपुर रेल मंडल में यात्री ट्रेनों की लगातार हो रही देरी और बढ़ते रेल ट्रैफिक दबाव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इस संबंध में विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत करते हुए स्थायी समाधान के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
सांसद ने बताया कि चक्रधरपुर डिवीजन में मालगाड़ियों का अत्यधिक दबाव है, जिसके कारण यात्री ट्रेनों की समयबद्धता प्रभावित हो रही है। वर्तमान में इस डिवीजन में प्रतिदिन लगभग 249 मालगाड़ियों का संचालन हो रहा है, जबकि इसके मुकाबले मात्र 25–30 यात्री ट्रेनें ही चल रही हैं। टाटा स्टील सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मालगाड़ियां गुजरती हैं, जिससे ट्रैक पर भारी भीड़ की स्थिति बनी रहती है।
इस समस्या के समाधान के लिए सांसद ने कई प्रमुख मांगें रखीं। उन्होंने नीमडीह–पटमदा–कांड्रा होते हुए एक नई रेल लाइन बिछाने और इसे प्रस्तावित पुरुलिया–झारग्राम लाइन से जोड़ने का सुझाव दिया, ताकि मालगाड़ियों को वैकल्पिक मार्ग मिल सके। इसके अलावा बिरबांस, सीनी, राजखरसावां, बायाबुड़, चिंगुड़ा और कोकपारा स्टेशनों पर अतिरिक्त लूप लाइन बनाने की भी मांग की गई।

टाटानगर जंक्शन पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्लेटफॉर्म की संख्या बढ़ाकर 10 करने का प्रस्ताव रखा गया। साथ ही आदित्यपुर–सलगाजुड़ी के बीच तीसरी रेल लाइन का कार्य जल्द पूरा कर उसे चालू करने पर जोर दिया गया। सांसद ने यह भी सुझाव दिया कि मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के संचालन के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए एक निश्चित अनुपात तय किया जाए, ताकि व्यस्त समय में हर दो यात्री ट्रेनों के बाद एक मालगाड़ी चलाई जा सके।
इसके अलावा टाटानगर से जयपुर, बेंगलुरु और मुंबई के लिए नई यात्री ट्रेनों की शुरुआत की मांग भी की गई। वहीं स्थानीय लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मकदमपुर में रेल ओवरब्रिज (ROB) या अंडरब्रिज (RUB) के निर्माण को मंजूरी मिलने की जानकारी भी सामने आई, जिससे आवागमन में हो रही परेशानी दूर होने की उम्मीद है।
रेल मंत्री ने सांसद द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और समाधान के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया। बैठक के अंत में सांसद ने जमशेदपुर की जनता की ओर से रेल मंत्री का आभार व्यक्त किया।










