जमशेदपुर: रामनवमी पर उमड़ा भक्ति का सैलाब, जीवंत झांकियों ने मोहा भक्तों का मन
जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर में आज रामनवमी के अवसर पर पारंपरिक भव्यता के साथ शोभा यात्रा निकाली जा रही है। शहर के कोने-कोने से ‘जय श्री राम’ के उद्घोष सुनाई दे रहे हैं। इस साल की शोभा यात्रा विशेष है क्योंकि अयोध्या में रामलला के विराजमान होने के बाद भक्तों में एक अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है।
कलाकारों ने धारे भगवान के रूप
शोभा यात्रा का मुख्य आकर्षण स्थानीय कलाकारों द्वारा धारण किए गए देवी-देवताओं के स्वरूप हैं। साकची और आसपास के क्षेत्रों में कलाकारों ने भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता, हनुमान जी और महाकाल के अत्यंत मनमोहक रूप धारे हैं।
- महाकाल बने मोहित निषाद ने बताया कि उनकी टीम (सज्जनपुरा घोड़ीपुरा) नृत्य और कला के माध्यम से भगवान के विभिन्न रूपों को जनता के बीच प्रदर्शित कर रही है।
- सीता बनीं डिंपल और लक्ष्मण बनीं आरती यादव ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि उन्हें भगवान का स्वरूप धारण करने और जनता तक शांति व भक्ति का संदेश पहुँचाने का अवसर मिला।
ऐतिहासिक ठाकुर प्यारा सिंह अखाड़ा की धमक
शहर के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित ठाकुर प्यारा सिंह धुरंधर सिंह बजरंग विजय अखाड़ा में भी भारी भीड़ देखी जा रही है। अखाड़ा समिति के सदस्यों ने बताया कि यह परंपरा 1927 से चली आ रही है। स्वर्गीय ठाकुर प्यारा सिंह द्वारा शुरू किए गए इस अखाड़े का संचालन अब उनके सुपुत्रों द्वारा किया जा रहा है।
“राम सादगी और मर्यादा के प्रतीक हैं। 550 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आज अयोध्या में मंदिर का स्वरूप देखकर पूरी पीढ़ी गौरवान्वित है। हमारी कोशिश है कि यह उत्सव शांति और सद्भाव का संदेश दे।” — अखाड़ा समिति सदस्य
अखाड़ों में शौर्य प्रदर्शन और झांकियां
शोभा यात्रा में लाठी खेल, तलवारबाजी और पारंपरिक अखाड़ा कला का प्रदर्शन किया जा रहा है। शाम ढलते ही झांकियों की संख्या और भीड़ बढ़ने की उम्मीद है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
श्रद्धालुओं का कहना है कि जमशेदपुर की रामनवमी पूरे देश में अपनी भव्यता के लिए जानी जाती है और इस वर्ष की झांकियां पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ रही हैं।









