मुसाबनी स्थित सुरदा माइंस के 4 शाफ्ट गेट पर रोजगार और उचित मुआवजे की मांग को लेकर जमीन रैयत दीपक पातर और उनके परिजनों की आर्थिक नाकाबंदी शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रही। आंदोलन समाप्त कराने के लिए हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड (HCL) और माइंस का संचालन कर रही ठेका कंपनी आरके अर्थ रिसोर्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से वार्ता की, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।
कंपनी अधिकारियों ने आंदोलनकारियों से नाकाबंदी समाप्त करने और अपनी मांगों को उचित मंच पर रखने की अपील की। अधिकारियों का कहना था कि परिवार के अन्य सदस्यों को पहले ही जमीन के बदले मुआवजा और रोजगार दिया जा चुका है तथा वर्तमान मांगों पर भी सकारात्मक पहल की जा रही है। हालांकि दीपक पातर और उनके परिजनों ने आंदोलन वापस लेने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जब तक उन्हें उचित मुआवजा और रोजगार नहीं मिलता, तब तक आर्थिक नाकाबंदी जारी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से कंपनी प्रबंधन और प्रशासन के समक्ष मांगें रखने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

नाकाबंदी के कारण माइंस से अयस्क की ढुलाई प्रभावित हुई है, हालांकि खदान के भीतर उत्पादन कार्य सामान्य रूप से जारी है। आंदोलन स्थल पर ग्रामीणों का भी समर्थन देखने को मिल रहा है। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर ठोस निर्णय होने तक वे पीछे नहीं हटेंगे। वहीं कंपनी प्रबंधन और प्रशासन गतिरोध समाप्त कर समाधान निकालने के प्रयास में जुटे हुए हैं।
