पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त ने बुधवार को जिले की सुरक्षा व्यवस्था और सुधारात्मक संस्थानों का जायजा लेने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। उपायुक्त ने घाघीडीह केंद्रीय कारा, साकची कारा और बाल संप्रेक्षण गृह का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां की सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ बंदियों के पुनर्वास और कौशल विकास कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की।
सुविधाओं और योजनाओं का लिया जायजा :
- निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने जेल के वार्डों, रसोई और परिसर का जायजा लिया। साथ ही बाल संप्रेक्षण गृह में रह रहे बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की भी समीक्षा की।
- उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली और सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने के कड़े निर्देश दिए।
- उन्होंने संस्थानों में स्वच्छ वातावरण और कैदियों के लिए बेहतर मूलभूत सुविधाएं (जैसे पेयजल और स्वास्थ्य सेवाएं) सुनिश्चित करने को कहा।
समाज की मुख्यधारा से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता: उपायुक्त
निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने कहा कि जेल और संप्रेक्षण गृह केवल सजा काटने की जगह नहीं, बल्कि सुधार के केंद्र हैं। बंदियों और किशोरों को शिक्षा, उचित परामर्श तथा कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर समाज की मुख्यधारा में वापस लाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन सुधारात्मक और व्यावसायिक कार्यक्रमों का संचालन अधिक प्रभावी ढंग से किया जाए, ताकि यहां से निकलने के बाद बंदी आत्मनिर्भर बन सकें। इसके साथ ही संस्थानों में शिक्षा और परामर्श सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने तथा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
