रांची: झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवाणी और कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा समर्थन जुटाने में सक्रिय हैं, जबकि सभी दल अपने-अपने वोटों का गणित साधने में जुटे हैं। रांची पहुंचने के बाद परिमल नथवाणी ने मेन रोड स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना की और फिर विधायकों से संपर्क अभियान शुरू किया। दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा झामुमो, राजद और भाकपा-माले के नेताओं एवं विधायकों से लगातार संवाद बनाए हुए हैं।
वोटों के गणित पर टिकी नजर
विधानसभा के मौजूदा संख्या बल के अनुसार, परिमल नथवाणी को एनडीए के 24 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। हालांकि जीत सुनिश्चित करने के लिए उन्हें कम से कम चार अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। वहीं झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम को गठबंधन का मजबूत समर्थन मिलने से उनकी स्थिति अपेक्षाकृत मजबूत मानी जा रही है। कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा की संभावनाएं सत्तारूढ़ गठबंधन के सभी विधायकों के शत-प्रतिशत समर्थन पर निर्भर हैं। इस बीच जयराम महतो ने अभी तक अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है, जिससे चुनावी समीकरण और रोचक हो गए हैं।
रणनीति में जुटे दल
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली से लौट चुके हैं और चुनावी रणनीति पर सक्रिय हो गए हैं। वहीं कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू भी जल्द रांची पहुंचने वाले हैं। हालांकि उम्मीदवार चयन को लेकर पहले झामुमो और कांग्रेस के बीच मतभेद की चर्चा रही, लेकिन अब दोनों दल सार्वजनिक बयानबाजी से बचते हुए चुनावी प्रबंधन और विधायकों के समर्थन को मजबूत करने पर फोकस कर रहे हैं। राज्यसभा चुनाव से पहले सभी प्रमुख उम्मीदवार व्यक्तिगत संपर्क और राजनीतिक संवाद के जरिए अपने पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
