टाटा स्टील वेज रिवीजन: महंगाई भत्ते पर फंसा पेंच, प्रबंधन और यूनियन के बीच साढ़े 3 घंटे की मैराथन बैठक बेनतीजा

"टाटा स्टील वेज रिवीजन: 17 साल का इंतजार और 3.5 घंटे की तकरार, क्या निकलेगा समाधान?"

Johar News Times
3 Min Read

जमशेदपुर: टाटा स्टील के कर्मचारियों के बहुप्रतीक्षित वेज रिवीजन समझौते को लेकर गुरुवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक बेनतीजा रही। कंपनी के जनरल ऑफिस में करीब साढ़े तीन घंटे तक चली इस मैराथन बैठक में ‘न्यू स्ट्रक्चर’ ग्रेड कर्मचारियों के महंगाई भत्ता के प्रति प्वाइंट बढ़ोतरी के मुद्दे पर गतिरोध बरकरार रहा, जिसके कारण प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच सहमति नहीं बन सकी।

पहली बार CPO स्तर पर हुई सीधी वार्ता

इस बैठक की सबसे खास बात यह रही कि वेज रिवीजन को लेकर पहली बार वार्ता सीधे टाटा स्टील की चीफ पीपुल ऑफिसर अतरई सान्याल के स्तर पर हुई। यूनियन की ओर से अध्यक्ष संजीव चौधरी, महामंत्री सतीश सिंह और डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह ने कर्मचारियों का पक्ष रखा।

प्रबंधन का तर्क: आर्थिक दबाव और लागत बड़ी चुनौती

बैठक के दौरान प्रबंधन ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्तमान में एनएस ग्रेड कर्मचारियों को डीए में प्रति प्वाइंट 3 रुपये की बढ़ोतरी मिलती है। महंगाई बढ़ने के साथ ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर यह डीए स्वतः बढ़ता है। कंपनी का तर्क था कि बदलते वैश्विक औद्योगिक परिदृश्य, बढ़ते आर्थिक दबाव और उत्पादन लागत को देखते हुए प्रति प्वाइंट दर में अलग से अतिरिक्त वृद्धि करना व्यावहारिक नहीं है। प्रबंधन ने यूनियन से कंपनी की चुनौतियों को समझने का आग्रह किया।

यूनियन की मांग: 17 साल से नहीं बदली दर, कर्मचारियों के साथ न्याय हो

दूसरी ओर, यूनियन नेताओं ने पुरजोर तरीके से कर्मचारियों का पक्ष लेते हुए कहा कि टाटा स्टील में एनएस ग्रेड लागू हुए करीब 16-17 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन डीए की प्रति प्वाइंट दर आज भी सिर्फ 3 रुपये पर ही थमी हुई है। यूनियन ने इसे कर्मचारियों के आर्थिक हितों से जुड़ा बेहद संवेदनशील मुद्दा बताते हुए दर में सम्मानजनक बढ़ोतरी की मांग दोहराई।

अगली बैठक पर टिकीं कर्मचारियों की नजरें

दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर काफी लंबी चर्चा और तीखी बहस हुई, लेकिन कोई बीच का रास्ता नहीं निकल सका। नतीजा न निकलता देख बैठक को स्थगित कर दिया गया। हालांकि, दोनों पक्ष अगली बैठक में इसी मुद्दे पर चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए सहमत हुए हैं। अब टाटा स्टील के हजारों कर्मचारियों की नजरें अगली वार्ता पर टिकी हैं, जहां वेज रिवीजन समझौते का भविष्य तय होगा।

Share This Article