16 करोड़ के पुल निर्माण में अवैध बालू खनन का आरोप, जांच के बाद कार्रवाई की तैयारी

16 करोड़ के पुल निर्माण में अवैध बालू खनन का आरोप, जांच के बाद कार्रवाई की तैयारी

Johar News Times
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स्वर्णरेखा नदी में पोकलेन मशीन से बालू निकासी का आरोप, खनन विभाग ने निरीक्षण कर कार्रवाई का दिया आश्वासन,

गुड़ाबांदा: गुड़ाबांदा के बालिजुड़ी स्थित स्वर्णरेखा नदी पर लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे पुल निर्माण कार्य में अवैध बालू खनन का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी पर नदी के भीतर पोकलेन मशीन लगाकर बालू निकालने और उसका भंडारण करने का आरोप लगाया है।

जानकारी के अनुसार आशंद कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा निर्माणाधीन पुल के समीप नदी के बीचों-बीच मशीनों से बालू की खुदाई कर बड़े पैमाने पर उसका भंडारण किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह खनन नियमों का खुला उल्लंघन है। उनका आरोप है कि इससे नदी के प्राकृतिक स्वरूप और जल प्रवाह पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि निर्माण एजेंसी द्वारा खुलेआम मशीनों से बालू खनन किया जा रहा है, जबकि प्रशासन और संबंधित विभाग इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

मामले पर जिला खनन विभाग के खान निरीक्षक अरविंद उरांव ने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं थी, लेकिन शिकायत मिलने के बाद तत्काल संज्ञान लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पुल निर्माण स्थल से 500 मीटर ऊपर और 250 मीटर नीचे खनन की अनुमति नहीं होती है। विभाग की ओर से किसी प्रकार की खनन अनुमति भी जारी नहीं की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदी की प्रकृति से छेड़छाड़ करने या निर्माण कार्य में निकली बालू का उपयोग करने की भी अनुमति नहीं है। जल्द ही स्थल का निरीक्षण कर दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं निर्माण एजेंसी के अभियंता सह प्रोजेक्ट इंचार्ज ब्रजेश कुमार ने कहा कि बालू आपूर्ति करने वाले सप्लायर आवश्यक चालान उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल निर्माण कार्य में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध बालू का उपयोग किया जा रहा है तथा इसके एवज में रॉयल्टी और जीएसटी का भुगतान किया जाएगा।

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