भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के बीच आईआईटी मद्रास ने 5 से 7 जून तक तीसरी ब्रिक्स न्यूरोसाइंस संगोष्ठी-2026 की मेजबानी की। भारत में पहली बार आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में ब्रिक्स देशों और साझेदार राष्ट्रों के वैज्ञानिकों, चिकित्सकों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य तंत्रिका विज्ञान अनुसंधान, मस्तिष्क प्रौद्योगिकी और वैज्ञानिक सहयोग को नई दिशा देना था।
इस दौरान आईआईटी मद्रास के सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर ने ह्यूमन ब्रेनस्टेम एटलस का भी लोकार्पण किया, जिसे सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है। कार्यक्रम में विदेश सचिव विक्रम मिस्री, भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद, आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटी और इंफोसिस के सह-संस्थापक क्रिस गोपालकृष्णन सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। सम्मेलन में तंत्रिका संबंधी बीमारियों, मस्तिष्क विकास, मस्तिष्क अनुसंधान और उभरती प्रौद्योगिकियों पर व्यापक चर्चा की गई।
मुख्य बिंदु :
- आईआईटी मद्रास ने तीसरी ब्रिक्स न्यूरोसाइंस संगोष्ठी-2026 की मेजबानी की।
- सम्मेलन 5 से 7 जून 2026 तक आयोजित किया गया।
- भारत में पहली बार ब्रिक्स न्यूरोसाइंस संगोष्ठी आयोजित हुई।
- सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर ने ह्यूमन ब्रेनस्टेम एटलस का लोकार्पण किया।
- ब्रिक्स देशों और साझेदार राष्ट्रों के वैज्ञानिकों ने भाग लिया।
- कार्यक्रम की थीम थी – “न्यूरोसाइंस का विस्तार : ब्रिक्स और विस्तारित राष्ट्र”।
- विदेश सचिव विक्रम मिस्री और प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद कार्यक्रम में शामिल हुए।
- सम्मेलन में मस्तिष्क अनुसंधान और न्यूरो-प्रौद्योगिकी पर विशेष चर्चा हुई।
- सुधा गोपालकृष्णन ब्रेन सेंटर की स्थापना मार्च 2022 में हुई थी।
- इससे पहले ब्रिक्स न्यूरोसाइंस बैठकें शंघाई और मॉस्को में आयोजित की जा चुकी हैं।
