नई दिल्ली/कोलकाता: INDIA गठबंधन की अहम बैठकों से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने कथित तौर पर राज्यसभा सदस्यता और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया है। इस घटनाक्रम ने तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे असंतोष और संगठनात्मक संकट की चर्चाओं को और तेज कर दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल विधानसभा में विधायकों के एक वर्ग द्वारा नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जताने के बाद अब संसदीय दल में भी असंतोष की खबरें सामने आने लगी हैं। इसे तृणमूल कांग्रेस के गठन के बाद के सबसे गंभीर आंतरिक संकटों में से एक माना जा रहा है।
सुखेंदु शेखर रे ने हाल ही में संकेत दिया था कि विधानसभा में दिखा असंतोष भविष्य में लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों के बीच भी असर डाल सकता है। उन्होंने कहा था कि इतनी बड़ी संख्या में विधायकों का कम समय में अलग रुख अपनाना अभूतपूर्व है। इस बीच, बागी खेमे के नेताओं ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की बढ़ती भूमिका को विवाद का प्रमुख कारण बताया है। असंतुष्ट नेताओं ने इस अभियान को अनौपचारिक रूप से ‘ऑपरेशन क्राउन प्रिंस’ नाम दिया है।
उधर, पार्टी प्रमुख ममता बर्नजी के निर्देश पर अभिषेक बनर्जी एक दिन पहले ही दिल्ली पहुंचे थे। राजनीतिक गलियारों में इसे पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष को संभालने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा में 28 और राज्यसभा में 13 सांसद हैं। रे के इस्तीफे की खबर के बाद कोलकाता से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या आने वाले दिनों में पार्टी के संसदीय दल में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
