पूर्वी सिंहभूम का आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। शनिवार को साकची स्थित उपायुक्त कार्यालय परिसर में भव्य ‘मैंगो फेस्टिवल’ का आयोजन किया गया। इस महोत्सव के दौरान उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने जिले में विकसित की गई आम की एक नई और खास प्रजाति का आधिकारिक नामकरण ‘तारा मैंगो’या।
इस फेस्टिवल में जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आए किसानों ने अपने खेतों में उपजाए गए आमों की बेहतरीन प्रदर्शनी लगाई, जहां शहरवासियों ने जमकर आमों की खरीदारी की।
मनरेगा और बिरसा हरित ग्राम योजना से बदली किसानों की तकदीर
समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि जिले के किसानों को मनरेगा और बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आम की बागवानी के लिए उन्नत प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी। आज उसी मेहनत का सकारात्मक परिणाम सबके सामने है। उन्होंने बताया:
“पूर्वी सिंहभूम में उत्पादित आम पिछले वर्ष विदेशों में भी एक्सपोर्ट किए गए थे, जहां इसे वैश्विक बाजार से शानदार प्रतिक्रिया मिली। वर्तमान में हमारे जिले में लंगड़ा, दशहरी, आम्रपाली, मल्लिका और अब ‘तारा मैंगो’ समेत कई उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों की बड़े पैमाने पर खेती हो रही है।”
6000 एकड़ में फैली बागवानी, हुआ बंपर उत्पादन
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, जिले में आम की बागवानी की सफलता की कहानी बेहद प्रभावित करने वाली है:
- वर्ष 2016-17 में बेहद छोटे स्तर से शुरू हुई आम की बागवानी आज जिले में लगभग 6,000 एकड़ के विशाल क्षेत्र में फैल चुकी है।
- वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले में कुल 96,649 किलोग्राम आम का उत्पादन हुआ है, जिसमें से अब तक 21,017 किलो आम की बिक्री की जा चुकी है।
- जिला प्रशासन किसानों को सीधे मार्केट लिंकेज उपलब्ध करा रहा है। पिछले वर्ष जिले के 14 प्रगतिशील किसानों के आम देश-विदेश के बाजारों में बेचे गए थे, जिससे उन्हें 5.12 लाख रुपये की सीधी शुद्ध आय हुई थी।
उपायुक्त ने अंत में कहा कि यह मैंगो फेस्टिवल सिर्फ एक प्रदर्शनी नहीं है, बल्कि यह जिले की कृषि और बागवानी योजनाओं की सफलता का एक बड़ा प्रतीक है, जो हमारे अन्नदाताओं को एक बेहतर बाजार और नई वैश्विक पहचान दे रहा है।
Taglines (सोशल मीडिया और पोर्टल के लिए)
- “जमशेदपुर का ‘तारा मैंगो’ मचाएगा ग्लोबल मार्केट में धूम, DC ने मैंगो फेस्टिवल में लॉन्च की आम की नई प्रजाति।”
- “6000 एकड़ में फैली बागवानी का कमाल, जमशेदपुर के आम अब विदेशों में भी बढ़ा रहे हैं झारखंड का मान।”
