रांची : मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना के तहत आवंटित राशि खर्च नहीं किए जाने को ग्रामीण कार्य विभाग ने गंभीरता से लिया है। विभाग ने दुमका, पाकुड़, कोडरमा और रामगढ़ को छोड़कर राज्य के अन्य सभी कार्य प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंताओं से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
ग्रामीण कार्य विभाग के उप सचिव विजय कुमार भगत द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि मई 2026 में प्राप्त अधियाचनाओं के आधार पर विभिन्न प्रमंडलों को योजनाओं के लिए राशि आवंटित की गई थी। साथ ही समय पर राशि खर्च कर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया था। हालांकि ट्रेजरी एमआईएस की रिपोर्ट के अनुसार 4 जून 2026 तक केवल दुमका, पाकुड़, कोडरमा और रामगढ़ प्रमंडलों ने ही आवंटित राशि का उपयोग किया है। विभाग ने बताया कि संबंधित कार्यपालक अभियंताओं ने संवेदकों द्वारा कार्य पूर्ण होने के बाद प्रस्तुत विपत्रों के आधार पर राशि की मांग की थी। राशि उपलब्ध रहने के बावजूद भुगतान नहीं किए जाने से सड़क निर्माण और सुदृढ़ीकरण कार्य प्रभावित हो रहे हैं, वहीं संवेदकों को भी आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विभाग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे भुगतान में हुई देरी के कारणों का विस्तृत स्पष्टीकरण दो दिनों के भीतर उपलब्ध कराएं। साथ ही लंबित भुगतानों का शीघ्र निपटारा कर उसकी रिपोर्ट भी विभाग को सौंपें। ग्रामीण कार्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
