“सरकार और सिस्टम जब अपनी जिम्मेदारी भूल जाए, तो जनता को खुद आगे आना पड़ता है।” इस बात को सच कर दिखाया है हल्दीपोखर के उप मुखिया सह समाजसेवी ओम प्रकाश गुप्ता ने। उन्होंने सरकारी फंड या विभाग के भरोसे बैठे रहने के बजाय खुद श्रमदान कर सड़क के जानलेवा गड्ढों को भरकर एक बेहतरीन मिसाल पेश की है।
दरअसल, हाता–हल्दीपोखर उच्च पथ पर हल्दीपोखर बाजार के समीप सड़क की स्थिति बेहद जर्जर हो चुकी थी। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे आए दिन सड़क दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे थे।
विभाग ने फेरा मुंह, तो खुद संभाली कमान
स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों द्वारा संबंधित विभाग के अधिकारियों को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया था और सड़क मरम्मत की गुहार लगाई गई थी। इसके बावजूद विभाग की नींद नहीं खुली और समस्या जस की तस बनी रही।
प्रशासनिक उदासीनता को देखते हुए उप मुखिया ओम प्रकाश गुप्ता ने शुक्रवार को खुद कमान संभालने का फैसला किया। उन्होंने अपनी देखरेख में ईंट के टुकड़े मंगवाए और सड़क के खतरनाक गड्ढों को भरवाना शुरू किया।
चिलचिलाती धूप में पसीना बहाते नजर आए जनप्रतिनिधि
इस कार्य की सबसे खास बात यह रही कि श्री गुप्ता सिर्फ निर्देश देकर हटे नहीं, बल्कि इस चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी में वे खुद मजदूरों और स्थानीय युवाओं के साथ मिलकर श्रमदान करने उतर गए। उन्होंने अपने हाथों से ईंट के टुकड़ों को सड़क पर फैलाया और गड्ढों को समतल किया, ताकि यहां से गुजरने वाले राहगीरों और बाइक सवारों को किसी हादसे का शिकार न होना पड़े।
“सड़क के गड्ढों के कारण आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे थे। विभाग को सूचना देने के बाद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो मुझसे रहा नहीं गया। आम लोगों की सुरक्षा सबसे पहले है, इसलिए स्वयं श्रमदान कर इसे ठीक करने का प्रयास किया।” — ओम प्रकाश गुप्ता, उप मुखिया सह समाजसेवी
उप मुखिया के इस जनहित कार्य और सेवा भावना की पूरे हल्दीपोखर बाजार और आसपास के क्षेत्रों में जमकर सराहना हो रही है। लोग कह रहे हैं कि काश हर क्षेत्र में ऐसे ही जागरूक और जमीन से जुड़े जनप्रतिनिधि हों।
