जमशेदपुर ‘दिशा’ की बैठक में गरजे जनप्रतिनिधि: ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग पर उठे सवाल; अवैध प्लॉटिंग और राशन कालाबाजारी पर जांच के आदेश

सरकारी शिलान्यास और उद्घाटन के शिलापट्ट पर अब अनिवार्य होगा सांसद-विधायकों का नाम: जमशेदपुर डीसी का आदेश।

Johar News Times
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जमशेदपुर समाहरणालय सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की हाई-प्रोफाइल बैठक सांसद श्री बिद्युत बरण महतो की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में जमशेदपुर और घाटशिला अनुमंडल के लगभग सभी दिग्गज विधायक— समीर मोहंती, मंगल कालिंदी, संजीव सरदार, पूर्णिमा साहू, सोमेश चंद्र सोरेन और सरयू राय के प्रतिनिधि मुकुल मिश्रा समेत जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू, उपायुक्त राजीव रंजन और तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में जनहित और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों की क्लास लगाई गई और कार्यों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का सख्त निर्देश दिया गया।

बैठक की बड़ी बातें और कड़े निर्देश:

1. ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर भारी नाराजगी

बैठक में माननीय विधायकों ने जमशेदपुर ट्रैफिक पुलिस की चेकिंग के तरीकों पर गंभीर सवाल उठाए:

  • पूर्वी जमशेदपुर विधायक ने एपेक्स अस्पताल के पास और जुगसलाई विधायक ने एमजीएम अस्पताल के आगे बोड़ाम-पटमदा से आने वाले ग्रामीणों की बेवजह वाहन जांच का मुद्दा उठाया।
  • पोटका विधायक ने बंगाल और ओड़िशा के नंबर वाले वाहनों को टारगेट किए जाने पर आपत्ति जताई।
  • निर्देश: ट्रैफिक पुलिस को वाहन जांच के दौरान संवेदनशीलता, पारदर्शिता और व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की सख्त हिदायत दी गई।

2. बिजली बिलिंग और जर्जर स्कूल भवनों पर एक्शन

  • बिजली विभाग: गर्मी के मौसम को देखते हुए उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए हर महीने रेगुलर मीटर रीडिंग और बिलिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है। खराब ट्रांसफार्मर को तुरंत बदलने के लिए क्विक रिस्पांस टीम को एक्टिव रखने का निर्देश दिया गया।
  • शिक्षा विभाग: जिले के सभी जर्जर और अनुपयोगी स्कूली भवनों को एक सप्ताह के भीतर ध्वस्त करने की कार्रवाई का आदेश दिया गया है। सरकारी स्कूलों में बेंच-डेस्क की कमी दूर करने और आरटीई के तहत निजी स्कूलों की खाली सीटों की सूची जनप्रतिनिधियों को सौंपने को कहा गया।

3. ‘शिलापट्ट’ पर माननीय सांसदों-विधायकों का नाम होना अनिवार्य

प्रशासनिक प्रोटोकॉल को लेकर उपायुक्त ने सख्त निर्देश जारी किया। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी विकास योजना के शिलान्यास या उद्घाटन कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद, विधायक और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करना और शिलापट्ट पर उनके नामों का उल्लेख करना अनिवार्य है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

4. अवैध प्लॉटिंग, अतिक्रमण और राशन की कालाबाजारी पर कड़ा रुख

  • करनडीह और पोटका में बिना अनुमति के धड़ल्ले से हो रही अवैध प्लॉटिंग और जिला परिषद से बिना नक्शा पास कराए बन रही बहुमंजिला इमारतों की जांच का जिम्मा डीडीसी को सौंपा गया है।
  • जुगसलाई के शिव घाट, जमशेदपुर पूर्वी के सर्कस मैदान और मानगो नगर निगम क्षेत्र में सरकारी जमीनों पर हुए अतिक्रमण को खाली कराकर वहां पार्क और खेल के मैदान विकसित करने का सुझाव दिया गया।
  • राशन की कालाबाजारी: जन वितरण प्रणाली की दुकानों के समय पर न खुलने और राशन की हेराफेरी की शिकायतों पर डीसी ने कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की बात कही।

5. रैयतों का मुआवजा और किसानों का धान भुगतान

पथ निर्माण विभाग की विभिन्न सड़क परियोजनाओं (जैसे भादूडीह-बोंटा-सतनाला-बोड़ाम-माधोपुर पथ और बेगनाडीह-पोटका पथ) के लिए अधिग्रहित जमीनों के रैयतों को मुआवजा मिलने में हो रही देरी पर समिति ने कड़ी नाराजगी जताई। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को जल्द से जल्द भुगतान सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही धान अधिप्राप्ति के तहत किसानों के लंबित बकाए का भुगतान भी जल्द करने का निर्देश दिया गया।

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