झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक बार फिर संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है। गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड के एक सुदूर गांव में रह रही एक बेबस महिला और उसके तीन मासूम बच्चों की बदहाली की खबर जब सोशल मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री तक पहुँची, तो उन्होंने बिना समय गंवाए इस पर कड़ा और त्वरित संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री ने गिरिडीह के उपायुक्त को तत्काल इस परिवार तक पहुँचने और हर संभव सरकारी मदद पहुंचाने का सख्त निर्देश दिया है।
सोशल मीडिया ‘X’ पर उजागर हुआ था दर्द
यह पूरा मामला गिरिडीह जिले के तिसरी प्रखंड अंतर्गत सिंघो पंचायत के लक्ष्मनिया टोला का है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक यूजर ने एक पोस्ट के जरिए सरकार का ध्यान इस परिवार की ओर खींचा था। पोस्ट में बताया गया था कि यह महिला अपने तीन छोटे बच्चों के साथ बेहद दयनीय और कठिन परिस्थितियों में जिंदगी बसर करने को मजबूर है। बच्चों के पास न तो ठीक से खाने का साधन है और न ही उनका कोई भविष्य नजर आ रहा था। तस्वीर और विवरण इतने मार्मिक थे कि इसने मुख्यमंत्री को झकझोर कर रख दिया।
पोस्ट पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गिरिडीह डीसी को टैग करते हुए लिखा:
“गिरिडीह उपायुक्त कृपया मामले का संज्ञान लें। सरिता बहन और उनके बच्चों को जल्द से जल्द सभी जरूरी सरकारी योजनाओं (राशन, आवास, पेंशन आदि) से जोड़ा जाए। इसके साथ ही बच्चों की शिक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और कृत कार्रवाई से सूचित करें।”
प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज, जल्द पहुंचेगी राहत
मुख्यमंत्री का सीधा निर्देश मिलते ही गिरिडीह जिला प्रशासन पूरी तरह रेस हो गया है। तिसरी प्रखंड के स्थानीय अधिकारियों को तुरंत लक्ष्मनिया टोला भेजने की तैयारी कर ली गई है।
- परिवार को तुरंत राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और मुख्यमंत्री आवास योजना (अथवा बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना) का लाभ दिया जाएगा।
- तीनों मासूम बच्चों का दाखिला नजदीकी सरकारी या आवासीय विद्यालय में कराया जाएगा, ताकि उनकी पढ़ाई का खर्च सरकार उठा सके।
- परिवार का आयुष्मान कार्ड या मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के इस कदम की सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर जमकर सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि सुदूर ग्रामीण इलाकों में अंतिम व्यक्ति तक त्वरित मदद पहुँचाने का मुख्यमंत्री का यह अंदाज सराहनीय है।
