UPSC का ऐतिहासिक फैसला: पहली बार जारी की सिविल सेवा प्रीलिम्स 2026 की प्रोविजनल आंसर-की, 31 मई तक दर्ज कराएं आपत्ति

यूपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा में बड़ी पारदर्शिता, आंसर-की पर 31 मई तक दर्ज करें आपत्ति।

Johar News Times
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संघ लोक सेवा आयोग ने देश की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा के इतिहास में एक बड़ा और अभूतपूर्व बदलाव किया है। आयोग ने पहली बार सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा की अनंतिम उत्तर कुंजी जारी कर दी है। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ाने की दिशा में यूपीएससी का यह कदम बेहद क्रांतिकारी माना जा रहा है।

जो भी उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अब आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आयोग द्वारा जारी आधिकारिक आंसर-की देख सकते हैं।

31 मई तक खुली है आपत्ति विंडो, देने होंगे 3 प्रामाणिक स्रोत

यूपीएससी ने उम्मीदवारों को उत्तर कुंजी पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका भी दिया है। हालांकि, इसके लिए कुछ कड़े और स्पष्ट नियम तय किए गए हैं:

  • उम्मीदवार 31 मई की शाम 6:00 बजे तक ही अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं।
  • आपत्तियां केवल आधिकारिक वेबसाइट upsconline.nic.in पर उपलब्ध ऑनलाइन प्रश्न पत्र आपत्ति पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार की जाएंगी।
  • आपत्ति दर्ज कराते समय उम्मीदवारों को न सिर्फ संक्षिप्त स्पष्टीकरण देना होगा, बल्कि उसके समर्थन में कम से कम तीन प्रामाणिक स्रोतों या संदर्भ पुस्तकों के दस्तावेजी सबूत भी अपलोड करने होंगे।

विशेषज्ञों की टीम करेगी समीक्षा, फाइनल रिजल्ट के बाद आएगी अंतिम उत्तर कुंजी

आयोग ने साफ किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्राप्त होने वाली सभी आपत्तियों की गहन जांच विषय विशेषज्ञों की एक विशेष टीम द्वारा की जाएगी।

मौजूदा नियमों के अनुसार, विशेषज्ञों की समीक्षा के बाद फाइनल उत्तर कुंजी तैयार होगी, लेकिन इसे प्रारंभिक परीक्षा के तुरंत बाद नहीं बल्कि मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार सहित अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा।

हाल ही में 24 तारीख को आयोजित हुई सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 में देश भर से लगभग 5,49,000 उम्मीदवार शामिल हुए थे। यूपीएससी के अनुसार, इस बार प्रोविजनल आंसर-की पहले जारी करने का मुख्य उद्देश्य पूरी परीक्षा प्रणाली की सत्यनिष्ठा , निष्पक्षता और उम्मीदवारों के भरोसे को और अधिक मजबूत करना है।

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