विधायक सरयू राय की पहल पर रेलवे का बड़ा फैसला, कोल्हान में पहले चलेगी यात्री ट्रेन, बाद में मिलेगी मालगाड़ियों को पास

विधायक सरयू राय की पहल पर रेलवे का बड़ा फैसला, कोल्हान में पहले चलेगी यात्री ट्रेन, बाद में मिलेगी मालगाड़ियों को पास

Johar News Times
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जमशेदपुर : कोल्हान में यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच दक्षिण-पूर्व रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। अब पहले यात्री ट्रेनों को ट्रैक से गुजरने दिया जाएगा, उसके बाद ही मालगाड़ियों को पास मिलेगा। यह आश्वासन दक्षिण-पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) अनिल कुमार जैन ने बुधवार को रेल यात्री संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल को दिया।

टाटानगर स्टेशन के दौरे पर पहुंचे जीएम ने रेल यात्री संघर्ष समिति के संरक्षक सह विधायक सरयू राय, संयोजक शिवशंकर सिंह और अन्य सदस्यों के साथ बैठक की। बैठक में यात्री ट्रेनों की लगातार देरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। विधायक सरयू राय ने पिछले डेढ़ महीने में ट्रेनों की लेटलतीफी का रिकॉर्ड जीएम के सामने रखा और कहा कि पूर्व में आश्वासन मिलने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। इस पर जीएम अनिल कुमार जैन ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी यात्री ट्रेन को अनावश्यक रूप से विलंबित नहीं किया जाए और ट्रेनों का समय पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जमशेदपुर में एक कमर्शियल पीआरआई (पब्लिक रिलेशन इंस्पेक्टर) की नियुक्ति का भी निर्देश दिया, जो रेलवे के सुधार कार्यों की जानकारी जनता तक पहुंचाएंगे और समय-समय पर लोगों से संवाद करेंगे। जीएम ने कुछ लेट चल रही ट्रेनों की सूची भी मांगी, जिसे समिति के सदस्यों ने मौके पर उपलब्ध कराया।

बैठक के बाद विधायक सरयू राय ने कहा कि रेलवे जीएम ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि अगले एक सप्ताह तक स्थिति पर नजर रखी जाएगी। यदि सुधार नहीं हुआ तो आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य यात्रियों को समय पर ट्रेन सुविधा उपलब्ध कराना है। बैठक के दौरान हल्के-फुल्के अंदाज में उस समय ठहाके गूंज उठे जब विधायक सरयू राय ने सांसद विद्युत वरण महतो से मजाकिया लहजे में पूछा कि वे रेलवे की तरफ हैं या जनता की ओर। इस पर सांसद ने जवाब दिया कि वे दोनों पक्षों के साथ हैं।

इधर, साउथ ईस्टर्न रेलवे मेंस यूनियन ने भी जीएम को 11 सूत्री मांग पत्र सौंपा। इसमें लोकोमोटिव ड्राइविंग कैब में एसी लगाने, लंबित प्रोमोशन, रिक्त पदों पर बहाली, एचआरए बढ़ाने, रेलवे अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर करने, रनिंग रूम में भोजन व्यवस्था और रेलवे आवासों की मरम्मत जैसी मांगें शामिल थीं। ज्ञापन सौंपने वालों में मंडल संयोजक एमके सिंह और जवाहरलाल समेत अन्य सदस्य शामिल थे। वहीं ओबीसी रेलवे कर्मचारी संघ के महासचिव कृष्ण मोहन प्रसाद के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने भी जीएम से मुलाकात कर पांच सूत्री मांग पत्र सौंपा। इसमें दक्षिण-पूर्व रेलवे के प्रत्येक मंडल में शहीद रेल कर्मचारियों की स्मृति में शहीद मेमोरियल बनाने की मांग प्रमुख रही।

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