नौतपा में ₹100 वाला चश्मा पहनना पड़ सकता है भारी, हमेशा के लिए खराब हो सकती हैं आंखें!

सड़क किनारे मिलने वाले सस्ते चश्मों में नहीं होता UV प्रोटेक्शन, बढ़ता है बीमारियों का खतरा.

Johar News Times
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a cute baby boy is looking over his shoulder, smiling and wearing sunglasses outside on a sunny summer day.

हर साल गर्मियों में एक ऐसा समय आता है, जब सूरज की तपिश और गर्मी अपने चरम पर होती है. इस समय को “नौतपा” कहा जाता है, जिसका सीधा मतलब है लगातार 9 दिनों तक पड़ने वाली हाड़-कंपाने वाली (भीषण) गर्मी. इस साल 25 मई से लेकर 2 जून तक नौतपा का कड़ा असर रहने वाला है. इस दौरान न केवल तापमान रिकॉर्ड तोड़ता है, बल्कि थपेड़े मारती गर्म हवाएं (लू) दोपहर में घर से निकलना दूभर कर देती हैं.

मौसम वैज्ञानिकों और डॉक्टरों ने इस दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. अक्सर लोग धूप से बचने के लिए सड़क किनारे (स्ट्रीट वेंडर्स) से सस्ता चश्मा खरीद लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक यह लापरवाही आंखों की रोशनी पर भारी पड़ सकती है.

सस्ता और बिना UV प्रोटेक्शन वाला चश्मा क्यों है ‘स्लो पॉइजन’?

गर्मी बढ़ते ही मार्केट और सड़क के किनारे 100 या 150 रुपये में स्टाइलिश दिखने वाले काले चश्मे बिकने लगते हैं. लोग इन्हें फैशन और धूप से बचाव के लिए खरीद तो लेते हैं, लेकिन ये आंखों के लिए बेहद खतरनाक हैं:

  • UV प्रोटेक्शन का न होना: इन सस्ते चश्मों के लेंस में अल्ट्रावायलेट (UV) किरणों को रोकने की क्षमता नहीं होती.
  • फैल जाती हैं पुतलियां: काला चश्मा पहनने से आंखों की पुतलियां (Pupils) फैल जाती हैं. जब चश्मे में UV प्रोटेक्शन नहीं होता, तो फैली हुई पुतलियों के रास्ते सूरज की हानिकारक किरणें और ज्यादा मात्रा में सीधे आंखों के पर्दे तक पहुंचती हैं.
  • ये बीमारियां ले सकती हैं घेर: इसके इस्तेमाल से आंखों में तेज जलन, पानी आना, सिरदर्द, धुंधलापन और लंबे समय में मोतियाबिंद (Cataract) या कॉर्निया डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है.

नौतपा में ऐसे रखें आंखों का ख्याल

डॉक्टरों के मुताबिक, नौतपा के दौरान आंखों को सुरक्षित रखने के लिए फैशन से ज्यादा सेहत पर ध्यान देना जरूरी है:

  1. चश्मा खरीदते वक्त रखें ध्यान: सनग्लास हमेशा अच्छी क्वालिटी और प्रामाणिक दुकान से ही लें. चश्मा लेते समय उस पर UV 400 या 100% UV Protection का स्टिकर/टैग जरूर चेक करें.
  2. इन चीजों का करें इस्तेमाल: तेज धूप में निकलते समय सिर्फ चश्मा ही नहीं, बल्कि छाता, चौड़ी पट्टी वाली टोपी (Cap) या सूती गमछे/स्कार्फ का इस्तेमाल करें.
  3. पीक ऑवर्स में बाहर जाने से बचें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच अल्ट्रावायलेट किरणें सबसे ज्यादा प्रभावी और खतरनाक होती हैं. कोशिश करें कि इस दौरान बाहर न निकलें.

डिजिटल केयर टिप्स:

  • दिन में 3 से 4 बार आंखों को साफ और ठंडे पानी के छींटों से धोएं.
  • शरीर में पानी की कमी न होने दें, लगातार ओआरएस, नींबू पानी या सादा पानी पीते रहें.
  • आंखों में ज्यादा लालपन या जलन होने पर खुद से कोई ड्रॉप डालने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

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