नई दिल्ली, छत्तीसगढ़ में मुठभेड़ में मारे गए माओवादी नेता कथा रामचंद्र रेड्डी उर्फ विकल्प की मौत की जांच की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि “कट्टर नक्सली का स्वागत गुलदस्ते से नहीं किया जा सकता।”
यह मामला सितंबर पिछले वर्ष अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ से जुड़ा है, जिसमें रामचंद्र रेड्डी की मौत हो गई थी। उनके बेटे राजा चंद्र ने इसे फर्जी एनकाउंटर बताते हुए विशेष जांच दल (SIT) से जांच की मांग की थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की पीठ जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने खारिज कर दिया।
सुनवाई के दौरान अदालत में मृतक के शरीर पर चोटों को लेकर दलीलें दी गईं, जिस पर न्यायालय ने कहा कि मुठभेड़ में कई परिस्थितियाँ हो सकती हैं और जंगल क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के अभियान अत्यंत चुनौतीपूर्ण होते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि सुरक्षा बलों की जान हमेशा जोखिम में रहती है।
जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मृतक हार्डकोर नक्सली था और उसके पास आधुनिक हथियार बरामद हुए थे, इसलिए इस तरह के मामलों में अलग दृष्टिकोण अपनाया जाता है। अदालत ने साफ कहा कि यह याचिका केवल आशंकाओं पर आधारित है और इसमें हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। इससे पहले छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट भी इसी आधार पर एसआईटी जांच की मांग को खारिज कर चुका था।
इसी बीच झारखंड के लातेहार जिले में भी सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है, जहां 5 लाख रुपये के इनामी नक्सली समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार दोनों पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
