सरायकेला मंडल कारा की सुरक्षा होगी अभेद्य: डीसी-एसपी की हाई-लेवल बैठक, जेल के भीतर सुरक्षा और बंदियों की सुविधाओं को लेकर जारी हुए कड़े निर्देश

सरायकेला जेल की सुरक्षा होगी और सख्त, डीसी नितिश कुमार सिंह और एसपी निधि द्विवेदी ने संभाला मोर्चा।

Johar News Times
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सरायकेला-खरसावां जिला समाहरणालय सभागार में मंडल कारा की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती निधि द्विवेदी की संयुक्त अध्यक्षता में संपन्न हुई इस ‘कारा सुरक्षा समिति’ की बैठक में जेल की सुरक्षा, कैदियों की सुविधाओं, सीसीटीवी निगरानी, जैमर और सायरन जैसी तकनीकी व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई।

जेल मैनुअल के हिसाब से मिले खाना और सुविधाएं: उपायुक्त बैठक के दौरान उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह ने जेल अधीक्षक को कड़े लहजे में निर्देश दिया कि जेल में बंद कैदियों को कारा मैनुअल के तहत निर्धारित मेनू के अनुरूप ही साफ, पौष्टिक और संतुलित भोजन दिया जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा शुद्ध पेयजल, मौसम के अनुसार बिस्तर, कपड़े और स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा गया। डीसी ने जेल के भीतर नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने और महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों के लिए विशेष पोषण व टीकाकरण की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।

24 घंटे एक्टिव रहें सीसीटीवी और जैमर, सुरक्षा में लापरवाही पर नपेंगे अफसर: एसपी सुरक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए पुलिस अधीक्षक श्रीमती निधि द्विवेदी ने स्पष्ट कहा कि कारा सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही या चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि:

  • जेल परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरे 24×7 चालू रहने चाहिए।
  • जैमर और आपातकालीन सायरन की समय-समय पर टेक्निकल जांच हो।
  • जेल के मुख्य प्रवेश और निकास द्वारों पर आने-जाने वालों की सघन तलाशी ली जाए।
  • जेल में बंदियों से मिलने आने वाले मुलाकातियों की सूची का पूरी तरह सत्यापन हो।

जेल के भीतर बनेगा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बैठक में जेल परिसर की साफ-सफाई और जल-जमाव की समस्या पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने जेल के ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने और पेड़ों की टहनियों की छंटाई करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, उन्होंने भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि जेल परिसर के लिए एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का प्रस्ताव तैयार कर जल्द से जल्द ‘गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग’ को भेजा जाए।

  1. बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विधिक सहायता शिविर और कौशल विकास के प्रशिक्षण दिए जाएंगे।
  2. जेल की लाइब्रेरी में ज्ञानवर्धक पुस्तकों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
  3. कारा सुरक्षा में तैनात कर्मियों को आधुनिक सुरक्षा उपकरणों को चलाने की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।

इस उच्चस्तरीय बैठक में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला, जेल अधीक्षक, सिविल सर्जन, जिला अभियोजन पदाधिकारी, भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सहित कारा सुरक्षा समिति के सभी वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे।

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