सब्जी बेचने वाला निकला करोड़ों के आईपीएल सट्टा गिरोह का मास्टरमाइंड, दुर्ग पुलिस ने 13 को दबोचा, 5 करोड़ का ट्रांजेक्शन

सब्जी विक्रेता से सट्टा किंग बना मास्टरमाइंड: दुर्ग में आईपीएल सट्टा रैकेट का भंडाफोड़, 13 गिरफ्तार

Johar News Times
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छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस ने आईपीएल मैचों के दौरान चल रहे एक बड़े ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड सहित कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने ‘सेट स्पोर्ट बुक’ और ‘लोटस एप’ के माध्यम से करीब 5 करोड़ रुपये का अवैध लेनदेन किया है।

पुलिस को इस गिरोह के बारे में केंद्रीय समन्वय पोर्टल से पुख्ता इनपुट मिले थे। इसी के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया और सबसे पहले चरोदा निवासी जावेद अख्तर और आभास जायसवाल को हिरासत में लिया। जब इन दोनों से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने पूरे नेटवर्क का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया। इसके बाद पुलिस ने एक-एक कर गिरोह के अन्य 11 सदस्यों को भी दबोच लिया।

इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड कुणाल वर्मा बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, कुणाल पहले सब्जी बेचने का काम करता था, लेकिन कम समय में अमीर बनने की चाहत में वह ऑनलाइन सट्टे की दुनिया में उतर गया। धीरे-धीरे उसने अपना एक बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया और करोड़ों रुपये के सट्टा कारोबार का मुख्य संचालक बन गया।

जांच में गिरोह के काम करने के अनोखे और शातिर तरीके का भी खुलासा हुआ है। यह गिरोह स्लम क्षेत्रों के गरीब और सीधे-साधे लोगों को निशाना बनाता था। उनके नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे और फिर उन खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और चेकबुक को करीब 25-25 हजार रुपये देकर खरीद लिया जाता था। इन्हीं ‘म्यूल खातों’ का इस्तेमाल सट्टे की रकम के लेनदेन के लिए किया जाता था ताकि मुख्य आरोपी पुलिस की नजरों से बचे रहें।

दुर्ग पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस सट्टा रैकेट के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हुए हैं। इस गिरोह की मुख्य जड़ें हैदराबाद में फैली हुई थीं, जहां के अल्फापुरम और शमशाबाद इलाकों से ऑनलाइन सट्टे का पूरा ऑपरेशन रिमोटली हैंडल किया जा रहा था।

पुलिस ने आरोपियों के ठिकाने से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और बैंक दस्तावेज जब्त किए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • ₹2.57 लाख कैश
  • 9 लैपटॉप और 46 मोबाइल फोन
  • 23 पासबुक, 146 एटीएम कार्ड और 20 सिम कार्ड

दुर्ग पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े सभी बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया में जुट गई है। इसके साथ ही, अन्य राज्यों में बैठे इनके आकाओं और इस रैकेट के इंटरनेशनल कनेक्शन की भी गहनता से जांच की जा रही है।

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