देश में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में हुई अचानक बढ़ोतरी ने सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। 15 मई से लागू हुई नई दरों के तहत पेट्रोल-डीजल में ₹3 प्रति लीटर और सीएनजी में ₹2 प्रति किलो के इजाफे के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। करीब दो साल के अंतराल के बाद हुई इस बढ़ोतरी को विपक्ष ‘जनता की जेब पर डकैती’ करार दे रहा है।
राहुल गांधी का तीखा तंज
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “मोदी सरकार की गलती की कीमत जनता चुकाएगी। ₹3 का झटका तो सिर्फ ट्रेलर है, बाकी की वसूली किस्तों में की जाएगी।”
- मल्लिकार्जुन खड़गे: कांग्रेस अध्यक्ष ने इसे सरकार की ‘दूरदृष्टि की कमी और अक्षमता’ का परिणाम बताया।
- अखिलेश यादव: सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए साइकिल को ही एकमात्र विकल्प बताया।
- डेरेक ओब्रायन: टीएमसी सांसद ने कहा कि भाजपा पहले वोट लूटती है और फिर जनता की जेब पर चोट करती है।
- पिनराई विजयन: केरल के मुख्यमंत्री ने इसे आम आदमी के साथ ‘क्रूर विश्वासघात’ करार दिया।
“2026 में ही आ गए अच्छे दिन”
माकपा नेता हन्नान मोल्लाह ने व्यंग्य करते हुए कहा कि लोगों को 2047 के ‘अच्छे दिनों’ का इंतजार था, लेकिन सरकार ने 2026 में ही ट्रेलर दिखा दिया। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव खत्म होते ही सरकार ने अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है। इस बढ़ोतरी से न केवल परिवहन बल्कि रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ने की भी आशंका है, जिसे विपक्ष अब एक बड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बनाने की तैयारी में है।
