झारखंड के विश्वविद्यालयों में लागू होने वाले ‘क्लस्टर सिस्टम’ को लेकर छात्र-छात्राओं का गुस्सा सातवें आसमान पर है। शुक्रवार को जमशेदपुर के ग्रेजुएट कॉलेज में भारी हंगामा देखने को मिला, जहाँ एक सेमिनार में हिस्सा लेने पहुंचे झारखंड सरकार के उच्च शिक्षा सचिव राहुल पुरवार को छात्रों के तीव्र विरोध और घेराव का सामना करना पड़ा।
गेट पर अड़े छात्र, 30 मिनट तक फंसे रहे सचिव
सेमिनार खत्म कर बाहर निकल रहे राहुल पुरवार को छात्र नेताओं और विद्यार्थियों ने कॉलेज गेट पर ही रोक लिया। क्लस्टर सिस्टम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। छात्रों का आरोप है कि यह नई व्यवस्था उनकी शैक्षणिक प्रणाली को अस्त-व्यस्त कर देगी और बीच सत्र में उन्हें एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज भटकने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
“नहीं बदलेगा वर्तमान छात्रों का कॉलेज”
विरोध को देखते हुए राहुल पुरवार खुद छात्रों के बीच पहुंचे और स्थिति को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा:
- वर्तमान सत्र में पढ़ रहे किसी भी छात्र का कॉलेज नहीं बदला जाएगा।
- यदि किसी कॉलेज में शिक्षक कम हैं, तो शिक्षक उस कॉलेज में जाकर पढ़ाएंगे, न कि छात्रों को कहीं और जाना होगा।
- यह व्यवस्था मुख्य रूप से नए एडमिशन पर केंद्रित है ताकि छात्रों को बेहतर स्किल डेवलपमेंट का मौका मिले।
- सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर रही है।
आंदोलन की चेतावनी
छात्र नेता हेमंत पाठक के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। करीब आधे घंटे तक चले इस ड्रामे के बाद सचिव वहां से निकल पाए। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक क्लस्टर सिस्टम को लेकर सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती और छात्रों की आशंकाएं दूर नहीं होतीं, आंदोलन और उग्र होगा।
