सरायकेला/चांडिल: लुपंगडीह स्थित नारायण प्राइवेट आईटीआई कॉलेज में गुरुवार को महान क्रांतिकारी शहीद सुखदेव थापर की जयंती गर्व और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने शहीद सुखदेव के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया।
“क्रांतिकारी विचारधारा के स्तंभ थे सुखदेव”
संस्थान के निदेशक डॉ. जटा शंकर पाण्डे ने छात्रों को संबोधित करते हुए शहीद सुखदेव के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “सुखदेव केवल एक नाम नहीं, बल्कि ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ साहस और निर्भीकता का प्रतीक थे। उन्होंने भगत सिंह और राजगुरु के साथ मिलकर देश की आजादी के लिए जो मार्ग चुना, वह आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।”
जीवन परिचय और योगदान:
- 15 मई 1907, पंजाब प्रांत ।
- हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के सक्रिय सदस्य।
- क्रांतिकारी हलकों में उन्हें ‘विलेजर’ के नाम से भी जाना जाता था।
- लाहौर षड्यंत्र केस में भगत सिंह और राजगुरु के साथ हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा।
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
कार्यक्रम में मुख्य रूप से एडवोकेट निखिल, प्राचार्य जयदीप पाण्डे, उप प्राचार्य शांति राम महतो सहित प्रकाश महतो, शुभम साहू, अजय मंडल, शाशिभूषण महतो, संजीत महतो, देवाशिष मंडल, कृष्णा महतो और गौरव महतो उपस्थित थे।
कार्यक्रम के समापन पर सभी छात्रों ने देश सेवा और शहीदों के दिखाए गए राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया।
