आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल चुकी है। देर रात तक जागना और सुबह देर से उठना अब आम बात हो गई है। लेकिन आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों मानते हैं कि सुबह उठने का एक सही समय होता है, जिसे अपनाकर कई बीमारियों से बचा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार स्वस्थ रहने के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद जरूरी है, लेकिन सही समय पर सोना और उठना भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जाता है।

आयुर्वेद के अनुसार सूर्योदय से करीब डेढ़ घंटा पहले का समय ‘ब्रह्म मुहूर्त’ कहलाता है। यह समय सामान्यतः सुबह 4 बजे से 5:30 बजे के बीच होता है। माना जाता है कि इस समय उठने से शरीर में ऊर्जा बढ़ती है, मन शांत रहता है और याददाश्त बेहतर होती है। ध्यान, योग, पढ़ाई और रचनात्मक कार्यों के लिए भी यह समय सबसे अच्छा माना जाता है।

वहीं आधुनिक विज्ञान के अनुसार शरीर की जैविक घड़ी यानी ‘सर्केडियन रिदम’ सूरज की रोशनी के अनुसार काम करती है। सुबह 6 से 8:30 बजे के बीच शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है, जो शरीर को एक्टिव बनाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सूर्योदय के आसपास उठने वाले लोग दिनभर ज्यादा ऊर्जावान और फोकस्ड महसूस करते हैं।








