सरकार की ‘आयुष्मान भारत’ योजना के तहत सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने का दावा लिट्टीपाड़ा प्रखंड में दम तोड़ता नजर आ रहा है। प्रखंड के डमरू लीलाताड़ी स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर की बदहाली ने ग्रामीणों को आक्रोशित कर दिया है। यहाँ स्वास्थ्य केंद्र खुलने के बजाय बंद अधिक रहता है, जिससे दूर-दराज से आने वाले मरीज बिना इलाज के लौटने को मजबूर हैं।
इंतजार के बाद भी नहीं पहुंचे स्वास्थ्यकर्मी गुरुवार को दर्जनों ग्रामीण आयुष्मान कार्ड लेकर इलाज की उम्मीद में केंद्र पहुंचे थे। घंटों इंतजार के बावजूद कोई स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर नहीं आया। ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र खुलने का समय सुबह 9 से शाम 4 बजे तक है, लेकिन यहाँ के कर्मचारी मनमर्जी से चलते हैं। स्वास्थ्यकर्मी राजेश कुमार ने खुद स्वीकार किया कि वे केवल 10-15 मिनट के लिए केंद्र खोलकर चले गए थे।

25 किमी का सफर और जान का जोखिम ग्रामीणों का कहना है कि डमरू लीलाताड़ी से लिट्टीपाड़ा मुख्यालय की दूरी लगभग 25-30 किलोमीटर है। अचानक तबीयत खराब होने या आपात स्थिति में गरीब ग्रामीणों के लिए अस्पताल पहुंचना बेहद कठिन है। वर्तमान में क्षेत्र में ब्रेन मलेरिया, कालाजार और डायरिया जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है, ऐसे में केंद्र का बंद रहना जानलेवा साबित हो सकता है।
कार्रवाई की मांग स्वास्थ्य प्रभारी डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि केंद्र का संचालन निर्धारित समय पर होना चाहिए। दूसरी ओर, स्थानीय लोगों ने विभाग से लापरवाह कर्मियों पर सख्त कार्रवाई करने और नियमित चिकित्सा सेवा सुनिश्चित करने की मांग की है।









