जमशेदपुर, देश की अग्रणी इस्पात कंपनी Tata Steel ने कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए विश्व की पहली ईज़ीमेल्ट तकनीक लागू करने के लिए SMS Group के साथ साझेदारी की है। इस परियोजना के तहत जमशेदपुर स्थित प्लांट में दुनिया का पहला औद्योगिक स्तर का ईज़ीमेल्ट संयंत्र स्थापित किया जाएगा।
कंपनी के अनुसार, इस अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग ई-ब्लास्ट फर्नेस (649 घन मीटर) में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य मौजूदा उत्पादन प्रणाली की तुलना में कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को 50 प्रतिशत से अधिक कम करना है।

टाटा स्टील के सीईओ और प्रबंध निदेशक T. V. Narendran ने कहा कि कम कार्बन स्टील उत्पादन की दिशा में बदलाव के लिए पारंपरिक तरीकों को नए दृष्टिकोण से अपनाने की जरूरत है। उन्होंने इसे तकनीकी नवाचार और वैश्विक साझेदारी का अहम उदाहरण बताया।
वहीं, एसएमएस ग्रुप के सीईओ Jochen Burg ने इस सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह परियोजना भविष्य में पुराने इस्पात संयंत्रों के डिकार्बोनाइजेशन का मार्ग प्रशस्त करेगी।
गौरतलब है कि दोनों कंपनियों के बीच जून 2023 में आयरनमेकिंग प्रक्रिया को डिकार्बोनाइज करने को लेकर समझौता हुआ था। प्रारंभिक अध्ययन सफल रहने के बाद अब इसे लागू करने का निर्णय लिया गया है।
यह पहल टाटा स्टील के वर्ष 2045 तक ‘नेट जीरो’ उत्सर्जन लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे वैश्विक स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।










