क्या आप भी बात-बात पर अपना आपा खो देते हैं? क्या आपके आसपास भी कुछ ऐसे लोग हैं जो पल भर में ज्वालामुखी की तरह फट जाते हैं? अक्सर हम गुस्से को सिर्फ एक सामान्य व्यवहार या स्वभाव मानकर छोड़ देते हैं, लेकिन विज्ञान ऐसा नहीं मानता। मेडिकल साइंस के अनुसार, गुस्सा सिर्फ एक इमोशन नहीं है, बल्कि इसका सीधा कनेक्शन हमारे दिमाग और शरीर में होने वाले केमिकल लोचे से है।
आइए जानते हैं कि जब इंसान को गुस्सा आता है, तो उसके शरीर के भीतर ऐसा क्या होता है जो उसे बेकाबू कर देता है और यह किस बड़ी बीमारी का संकेत हो सकता है।
दिमाग का यह ‘छोटा सा पुर्जा’ है असली विलेन!
हमारे दिमाग में बादाम के आकार का एक छोटा सा हिस्सा होता है, जिसे एमिग्डाला (Amygdala) कहा जाता है। इसे आप शरीर का ‘डेंजर अलार्म’ या ‘सिक्योरिटी गार्ड’ कह सकते हैं।
- कैसे काम करता है एमिग्डाला: जब भी कोई बात हमारी उम्मीद के मुताबिक नहीं होती या हमें बुरी लगती है, तो यह अलार्म तुरंत एक्टिव हो जाता है।
- सोचने की क्षमता ब्लॉक: जिन लोगों को ज्यादा गुस्सा आता है, उनका एमिग्डाला जरूरत से ज्यादा एक्टिव होता है। यह एक्टिव होते ही दिमाग के सोचने-समझने वाले हिस्से (Prefrontal Cortex) को कुछ देर के लिए पूरी तरह ब्लॉक कर देता है। यही वजह है कि गुस्से में इंसान बिना सोचे-समझे कुछ भी बोल या कर बैठता है।
गुस्सा आते ही शरीर में रिलीज होते हैं ये ‘स्ट्रेस हार्मोन’
जैसे ही दिमाग का एमिग्डाला खतरे का सिग्नल देता है, वह शरीर में दो मुख्य स्ट्रेस हार्मोन रिलीज करता है— एड्रेनालिन (Adrenaline) और कोर्टिसोल (Cortisol)। इन हार्मोन्स के निकलते ही शरीर में पल भर के भीतर ये बड़े बदलाव होते हैं:
- हार्ट रेट में उछाल: दिल की धड़कनें अचानक बहुत तेज हो जाती हैं।
- ब्लड प्रेशर का बढ़ना: धमनियों में खून का दबाव (BP) एकाएक बढ़ जाता है।
- मसल्स में खिंचाव: पूरी बॉडी की मांसपेशियां एकदम टाइट और सख्त हो जाती हैं।
- सांसों का उखड़ना: इंसान की सांसें बहुत तेज और उथली (Short Breaths) होने लगती हैं।
- चेहरा लाल होना: चेहरे और हाथों की तरफ ब्लड सर्कुलेशन इतनी तेजी से बढ़ता है कि चेहरा गुस्से से तमतमा उठता है।
क्या ज्यादा गुस्सा आना किसी गंभीर बीमारी का संकेत है?
लगातार और बेकाबू गुस्सा आना इस बात का साफ इशारा है कि आपका शरीर हर वक्त ‘क्रॉनिक स्ट्रेस’ (लगातार तनाव) की स्थिति में है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जो लोग बहुत ज्यादा गुस्सा करते हैं, उनमें निम्नलिखित बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है:
- दिल का दौरा (Heart Attack) और ब्रेन स्ट्रोक
- अनिद्रा (Insomnia) यानी नींद न आने की बीमारी
- मानसिक विकार जैसे गंभीर डिप्रेशन और एंग्जायटी (Anxiety)
गुस्से के इस तूफान को कैसे करें शांत? एक्सपर्ट टिप्स
गुस्से को कंट्रोल करना मुश्किल जरूर है, लेकिन नामुमकिन नहीं। लाइफस्टाइल में ये छोटे बदलाव आपको शांत रख सकते हैं:
- 10 सेकंड का रूल: जब भी गुस्सा आए, तुरंत 1 से 10 तक उल्टी गिनती गिनना शुरू करें और ठंडा पानी पिएं।
- डीप ब्रीदिंग: तुरंत लंबी और गहरी सांसें लें, इससे स्ट्रेस हार्मोन का लेवल तुरंत कम होता है।
- दूरी बनाएं: जिस बात या जगह पर गुस्सा आ रहा है, कुछ देर के लिए वहां से वॉकआउट कर लें।
- योग और ध्यान: रोजाना सुबह योग (जैसे अनुलोम-विलोम) और मेडिटेशन करने से एमिग्डाला शांत रहता है और गुस्से पर आपका नियंत्रण बढ़ता है।
