झारखंड आंदोलनकारी और झामुमो के वरिष्ठ नेता जितराई मुर्मू का निधन, विधायक संजीव सरदार ने दी श्रद्धांजलि

"झारखंड आंदोलन का एक और सितारा हुआ ओझल, झामुमो ने खोया अपना समर्पित सिपाही।"

Johar News Times
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झारखंड आंदोलनकारी एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता जितराई मुर्मू के निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। 50 वर्षीय स्व. जितराई मुर्मू का गुरुवार को इलाज के दौरान निधन हो गया, जिसके बाद शुक्रवार को गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने उन्हें झामुमो के दलीय ध्वज के साथ भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

विधायक संजीव सरदार ने दी श्रद्धांजलि, बंधाया ढांढस

शुक्रवार को पोटका के विधायक संजीव सरदार दिवंगत नेता के आवास पहुंचे। उन्होंने स्व. जितराई मुर्मू के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। विधायक ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और इस कठिन घड़ी में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। इस मौके पर झामुमो के पूर्वी सिंहभूम जिला अध्यक्ष विक्टर सोरेन भी मौजूद रहे और उन्होंने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

नरवा-पहाड़ क्षेत्र में संगठन की मजबूत रीढ़ थे जितराई मुर्मू: संजीव सरदार

शोक प्रकट करते हुए विधायक संजीव सरदार ने कहा कि स्व. जितराई मुर्मू झारखंड आंदोलन के एक समर्पित सिपाही, जुझारू सामाजिक कार्यकर्ता और झामुमो के बेहद कर्मठ नेता थे। उन्होंने छात्र जीवन से ही समाज और अलग राज्य के आंदोलन के लिए लंबा संघर्ष किया।

विधायक ने आगे कहा:

“नरवा-पहाड़ क्षेत्र में झामुमो को मजबूत आधार देने और समाज के निचले तबके के मुद्दों को मुखरता से उठाने के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। वे स्पष्ट विचारधारा और निर्भीक व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन में आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों, झारखंडी अस्मिता और सामाजिक न्याय के लिए लड़ाई लड़ी। उनका जाना समाज और झामुमो परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है।”

अपने पीछे छोड़ गए भरा-पूरा परिवार

स्व. जितराई मुर्मू अपने पीछे अपनी धर्मपत्नी, एक पुत्री, दो पुत्र एवं वृद्ध माता सहित एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन पर क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है।

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