झारखंड के बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले में CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने चाईबासा कोर्ट को बताया है कि पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में तैनात सिपाही देवनारायण मुर्मू ने वर्ष 2017 से 2025 के बीच सरकारी वित्तीय प्रणाली और कंप्यूटर डेटा में कथित हेरफेर कर 26.21 लाख रुपये की अवैध निकासी की। जांच के अनुसार, आरोपी ने मृत पुलिसकर्मियों के आश्रितों को मिलने वाली सहायता राशि तथा यात्रा भत्ते से संबंधित रकम को अपने और सहयोगियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराया। CID ने जांच में चार बैंक खातों के जरिए धन के लेनदेन का पता लगाया है। ये खाते झारखंड के चाईबासा, पोटका और रांची के अलावा ओडिशा के मयूरभंज जिले से जुड़े बताए गए हैं।
CID की जांच में सामने आया है कि देवनारायण मुर्मू ने अपने रिश्तेदारों और सहयोगियों के साथ मिलकर कई वर्षों तक इस कथित गड़बड़ी को अंजाम दिया। मामले में देवनारायण मुर्मू समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। चाईबासा कोषागार पदाधिकारी की शिकायत पर इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
इस बीच, झारखंड में सामने आए कोषागार अनियमितता मामलों की जांच CID की SIT कर रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या इस तरह की गड़बड़ियां अन्य जिलों में भी संगठित तरीके से की गई थीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं की जांच शुरू कर दी है।
