ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ टाटानगर स्टेशन पर हस्ताक्षर अभियान, विधायक सरयू राय हुए शामिल
यात्री ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी से परेशान यात्रियों का गुस्सा शनिवार को टाटानगर रेलवे स्टेशन पर फूट पड़ा। रेल यात्री संघर्ष समिति की तरफ से स्टेशन परिसर में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। अभियान में जमशेदपुर पूर्वी के विधायक सरयू राय समेत कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
मौके पर मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ काफी नाराजगी जताई। लोगों का कहना था कि टाटानगर से गुजरने वाली अधिकांश यात्री ट्रेनें घंटों लेट चल रही हैं। इससे छात्रों, नौकरीपेशा और मरीजों को भारी परेशानी हो रही है। मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने से यात्री ट्रेनें आउटर पर खड़ी रहती हैं।

रेलवे की आंख खोलने को अभियान विधायक सरयू राय ने कहा, ट्रेन की लेटलतीफी के खिलाफ रेल यात्री संघर्ष समिति की तरफ से आज टाटानगर रेलवे स्टेशन पर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, ताकि रेलवे प्रशासन की आंख खुल सके।
सरयू राय ने मांग की कि जितनी भी यात्री ट्रेनें टाटानगर से आना-जाना करती हैं, सभी समय पर पहुंचे। यात्री को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो। यात्री ट्रेन को महत्व दिया जाए, न कि मालगाड़ी ट्रेन को। रेलवे का पहला दायित्व यात्रियों की सुविधा है।
अभियान के दौरान हजारों यात्रियों ने हस्ताक्षर कर अपना समर्थन दिया। समिति ने चेतावनी दी कि अगर 15 दिन में व्यवस्था नहीं सुधरी तो डीआरएम कार्यालय का घेराव किया जाएगा। हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन रेल मंत्री और जोनल जीएम को भेजा जाएगा।
ईचागढ़ क्षेत्र में थम नहीं रहा मानव-हाथी संघर्ष, हर सप्ताह हो रही मौत, अवैध बालू खनन बना भटकाव की बड़ी वजह
ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में हाथी समस्या थमने का नाम नहीं ले रही है। आलम यह है कि यहाँ लगभग हर एक सप्ताह मानव-हाथी संघर्ष में किसी न किसी की मौत हो रही है।
ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में स्वर्ण रेखा नदी के किनारे बसे वन क्षेत्रों के आसपास निरंतर हो रहा अवैध बालू खनन एवं परिवहन कहीं न कहीं हाथियों के भटकाव का सबसे बड़ा कारण बन रहा है। रात-दिन चलने वाली जेसीबी, हाईवा और ट्रैक्टरों के शोर से हाथियों का प्राकृतिक कॉरिडोर बाधित हो रहा है।

बालू माफिया पर गंभीर आरोप: स्थानीय लोगों का कहना है कि यहाँ हाथी समस्या का जिम्मेदार उन बालू माफियाओं को भी बताया जा रहा है जो गांव वालों को मोहरा बनाकर अपना गोरखधंधा चला रहे हैं। नदी किनारे अवैध खनन से हाथी रास्ता भटककर गांवों में घुस रहे हैं और उसका खामियाजा ग्रामीणों को मौत के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक जब भी वन विभाग इस तरह के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने की कोशिश करता है, तब उन्हीं बालू माफियाओं द्वारा गांव वालों को आगे करके राजनीति की जाती है। हाथी समस्या के नाम पर वन अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है और कार्रवाई रोकी जाती है।
नो एंट्री आंदोलन समिति द्वारा चाईबासा से रांची की ओर न्याय यात्रा पदयात्रा निकाली गई
नो एंट्री आंदोलन समिति के द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर चाईबासा से रांची की ओर न्याय यात्रा पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा में समिति के सदस्यों एवं स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
पदयात्रा की शुरुआत चाईबासा से की गई, जहां समिति के सदस्यों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि उनकी मुख्य मांग नो एंट्री व्यवस्था से संबंधित समस्याओं का समाधान करना और आम लोगों एवं वाहन चालकों को हो रही परेशानियों को दूर करना है।
समिति के सदस्यों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। पदयात्रा चाईबासा से रांची तक पहुंचकर संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगो को पूरा करने का आग्रह करेगा l
ट्यूब्स डिवीजन में मैनपावर बढ़ाने पर सहमति, टाटा स्टील प्रबंधन और यूनियन के बीच हुई अहम वार्ता
टाटा स्टील के ट्यूब्स डिवीजन में मैनपावर बढ़ाने को लेकर प्रबंधन और यूनियन के बीच हुई वार्ता में सहमति बन गई है। दोनों पक्षों ने मिलकर भविष्य में आवश्यकतानुसार मैनपावर तय करने का निर्णय लिया है, ताकि उत्पादन में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में ट्यूब्स डिवीजन में गिरते उत्पादन को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। हाल ही में नियुक्त उपाध्यक्ष उज्जवल चक्रवर्ती ने इस मुद्दे को प्राथमिकता से उठाते हुए यूनियन के साथ बैठक बुलाई थी।

वार्ता में प्रबंधन की ओर से उज्ज्वल चक्रवर्ती के साथ सीएचआरओ जुबिन पालिया शामिल थे, जबकि यूनियन की ओर से टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी, डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश कुमार सिंह और महासचिव सतीश कुमार सिंह मौजूद रहे।
लंबी चर्चा के बाद दोनों पक्षों के बीच मैनपावर बढ़ाने पर सहमति बन गई। निर्णय लिया गया कि जरूरत के अनुसार मैनपावर की समीक्षा कर उसे बढ़ाया जाएगा, ताकि उत्पादन लक्ष्य हासिल किया जा सके।
सरायकेला डीएफओ के निर्देश पर वन विभाग अलर्ट, आदरडीह में हाथियों को रोकने पहुंची टीम, रातभर चला ड्राइव
ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के हाड़ात गांव में हाथी हमले से 2 लोगों की मौत के बाद जिला डीएफओ सवा आलम अंसारी के निर्देश पर चांडिल वन क्षेत्र का अमला अलर्ट मोड पर आ गया है। शनिवार की शाम वनपाल, वनरक्षी और एलीफेंट ड्राइव टीम आदरडीह गांव के आसपास मोर्चा संभाल लिया।
हाथियों को जंगल से गांव में उतरने से रोकने के लिए वन विभाग की टीम हाथ में मशाल, टॉर्च और पटाखे लेकर रात्रि में आदरडीह के जंगली इलाके में पहुंची। टीम ने पूरी रात गश्त कर हाथियों के झुंड पर नजर रखी और उन्हें आबादी की ओर बढ़ने से रोका।

वन विभाग का मकसद है कि जंगल से हाथी उतरकर गांव न पहुंचे। टीम ने डुमरा-आदरडीह के बीच जंगल में डेरा डाले 8-10 हाथियों के झुंड को पटाखे और मशाल के जरिए दलमा पहाड़ की ओर खदेड़ने का प्रयास किया। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और रात में घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई।
चांडिल रेंजर ने बताया कि एलीफेंट ड्राइव टीम 24 घंटे अलर्ट पर है। संवेदनशील गांवों में मॉनिटरिंग बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों से अपील है कि हाथी दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें, खुद भगाने का प्रयास न करें।
बारात की आतिशबाजी बनी खतरा, जमशेदपुर में खड़ी स्कॉर्पियो में लगी आग
जमशेदपुर के आजादनगर थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात बारात की आतिशबाजी अचानक खतरनाक साबित हुई, जब चिंगारी गिरने से सड़क किनारे खड़ी एक स्कॉर्पियो में आग लग गई। घटना ओल्ड पुरुलिया रोड स्थित अपना मैरेज हॉल के पास की है, जहां कुछ ही पलों में गाड़ी धू-धू कर जलने लगी और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बारात में शामिल लोग धूमधाम से आतिशबाजी कर रहे थे। इसी दौरान एक चिंगारी स्कॉर्पियो पर जा गिरी, जिससे आग भड़क उठी। देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं और आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।

घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। बाल्टियों से पानी डालकर और उपलब्ध संसाधनों की मदद से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आतिशबाजी के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिसकी वजह से यह घटना हुई।
महुदी पंचायत में ग्रामसभा आयोजित, विकास कार्यों को लेकर कई अहम प्रस्ताव पारित
नोवामुंडी प्रखंड के महुदी पंचायत अंतर्गत इंदिरा टोला में आयोजित ग्रामसभा में स्थानीय समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण मुंडा अजय लागुरी ने की, जबकि प्रदीप प्रधान विशेष रूप से उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी ने बैठक को सार्थक और प्रभावी बनाया।
ग्रामसभा के दौरान नाली निर्माण, कुएं की मरम्मत और भीषण गर्मी के मद्देनजर पेयजल संकट जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। ग्रामीणों ने पंचायत कार्यालय में आधार कार्ड से जुड़े कार्य बंद होने पर भी चिंता जताई। इसके अलावा क्षेत्र में सामुदायिक शौचालय निर्माण की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

विस्तृत विचार-विमर्श के बाद ग्रामसभा में सर्वसम्मति से नाली निर्माण, कुएं की मरम्मत और सामुदायिक शौचालय निर्माण के प्रस्ताव पारित किए गए। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि इन प्रस्तावों पर जल्द कार्रवाई होगी, जिससे क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं में सुधार आएगा।
इस दौरान कांग्रेस प्रखंड महासचिव प्रदीप प्रधान, युवा कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मामूर अंसारी, राकेश गोंड, दानिश हुसैन, विकाश गौड़, रोशन लागुरी सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
RTO की धीमी प्रक्रिया पर डीलरों की नाराजगी, जमशेदपुर में FADA बैठक, सुधार और सड़क सुरक्षा पर जोर
FADA की ओर से शहर में आयोजित बैठक में ऑटोमोबाइल डीलरों ने RTO प्रक्रियाओं में हो रही देरी पर चिंता जताई। बैठक में FADA अध्यक्ष साई गिरिधर और CEO दमन की मौजूदगी में झारखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में डीलरों ने हिस्सा लिया।
डीलरों ने वाहन पंजीकरण, दस्तावेजीकरण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी को प्रमुख समस्या बताया। उनका कहना था कि इन बाधाओं के कारण ग्राहकों को समय पर वाहन डिलीवरी देना मुश्किल हो रहा है, जिससे व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। बैठक में पूर्वी सिंहभूम के जिला परिवहन पदाधिकारी धनंजय कुमार भी

अपनी टीम के साथ शामिल हुए। उन्होंने डीलरों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए प्रक्रियाओं को सरल और तेज बनाने का आश्वासन दिया।
बैठक में सड़क सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। FADA ने स्कूल स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने में डीलरों की भूमिका पर जोर दिया।
50 साल की यादें एक मंच पर, किरीबुरू हिलटॉप ओड़िया स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह का भावुक आगाज़
पश्चिमी सिंहभूम जिले के किरीबुरू स्थित हिलटॉप ओड़िया स्कूल का स्वर्ण जयंती समारोह भावनाओं, उत्साह और गरिमा के साथ शुरू हुआ। पहले ही दिन कार्यक्रम ने पुराने छात्रों, शिक्षकों और अतिथियों को यादों के सफर पर ले जाकर एक आत्मीय माहौल बना दिया।
समारोह का उद्घाटन किरीबुरू खदान के सीजीएम (माइंस) प्रशांत मनोहर राव शिरपुरकर ने झंडोतोलन कर किया, जबकि तुलसी मुंडा ने स्वर्ण जयंती समारोह का शिलान्यास किया। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।

दिनभर देश-विदेश से पहुंचे पूर्व छात्र-छात्राओं का मिलन समारोह का सबसे खास आकर्षण रहा। सेल प्रबंधन के सहयोग से सभी के ठहरने की व्यवस्था की गई। वर्षों बाद अपने पुराने दोस्तों और शिक्षकों से मिलकर कई लोग भावुक हो उठे और माहौल आत्मीयता से भर गया।
पूर्व छात्रों ने आयोजन समिति का आभार जताते हुए कहा कि यह आयोजन सिर्फ एक समारोह नहीं, बल्कि अतीत और वर्तमान के मिलन का अनूठा अवसर है।











