टंडवा प्रखंड में कोयला ढुलाई में लगे भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार एक बार फिर काल बन गई है। बुधवार अहले सुबह ब्लॉक मोड़ स्थित नईपारम गांव के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूटी सवार दो युवकों को रौंद दिया, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में जन आक्रोश फूट पड़ा है और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
जोरदार टक्कर में उड़ गए स्कूटी के परखच्चे
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयानक था कि स्कूटी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के तुरंत बाद बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण जमा हो गए और मुआवजे की मांग को लेकर सड़क को पूरी तरह से जाम कर दिया। आक्रोशित ग्रामीण मृतकों के परिजनों के लिए उचित मुआवजा, आश्रित को नौकरी और दोषी वाहन चालक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
आम सड़क या मौत का रास्ता?
स्थानीय लोगों में प्रशासन, सीसीएल और एनटीपीसीके खिलाफ भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि:
- सैकड़ों कोयला ट्रक दिन-रात ओवरलोड होकर तय सीमा से अधिक रफ्तार में दौड़ते हैं।
- आम सड़कों पर इन भारी वाहनों की आवाजाही ने लोगों का पैदल चलना भी दूभर कर दिया है।
- प्रशासन केवल कागजी औपचारिकता निभाता है; सड़क पर न तो स्पीड ब्रेकर हैं और न ही ट्रैफिक पुलिस की तैनाती।
कंपनियां सिर्फ मुआवजा देकर दबा देती हैं मामला
आंदोलनकारियों का आरोप है कि कंपनियां और जिला प्रशासन वैकल्पिक ‘ट्रांस्पोर्टिंग सड़क’ बनाने में विफल रहे हैं। अब तक दुर्घटनाओं में दी गई मुआवजे की कुल राशि से एक अलग सड़क का निर्माण हो सकता था, लेकिन उदासीनता के कारण आम जनता बेमौत मारी जा रही है। टंडवा की सड़कें अब स्थानीय लोगों के लिए ‘खूनी सड़क’ बन चुकी हैं।









