तमिलनाडु की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। भाजपा के फायरब्रांड नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने भारतीय जनता पार्टी को अलविदा कहकर अपनी नई राजनीतिक पार्टी के गठन का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। शुक्रवार को एक वीडियो संदेश जारी करते हुए अन्नामलाई ने साफ किया कि उनकी नई पार्टी साल 2031 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेगी।
“तमिल हितों के लिए चुना अलग रास्ता”
अन्नामलाई ने वीडियो में भावुक और आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि भाजपा में रहते हुए तमिल जनता की भावनाओं और उनके हितों की रक्षा करना बेहद मुश्किल हो गया था। उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया:
“दिसंबर 2025 में ही मैंने पार्टी नेतृत्व को अपने इस्तीफे की इच्छा जता दी थी, लेकिन आलाकमान के आग्रह पर मैं अब तक रुका हुआ था।”
18 महीने से चल रही थी अंदरूनी खींचतान
पूर्व आईपीएस अधिकारी ने राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ चल रहे मतभेदों को खुलकर स्वीकार किया। उनके मुताबिक:
- पिछले डेढ़ साल से पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और उनके बीच गंभीर वैचारिक मतभेद चल रहे थे।
- समय के साथ यह दूरियां इतनी बढ़ गईं कि दोनों की राजनीतिक सोच और दिशा अलग-अलग हो गई।
- अंततः तमिल अस्मिता और हितों के लिए उन्होंने भाजपा से अलग राह चुनना ही बेहतर समझा।
IPS की नौकरी छोड़ राजनीति में रखा था कदम
कर्नाटक कैडर के पूर्व तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी रहे के. अन्नामलाई ने साल 2020 में खाकी छोड़ भाजपा का दामन थामा था। अपनी आक्रामक शैली और जमीनी पकड़ के कारण वह बहुत कम समय में तमिलनाडु भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा बन गए। पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए पहले प्रदेश उपाध्यक्ष और फिर तमिलनाडु इकाई की कमान सौंपी थी।
अन्नामलाई के नेतृत्व में भाजपा ने 2021 और हालिया 2026 का विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन पार्टी को जैसी उम्मीद थी, वैसी सफलता नहीं मिल सकी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नामलाई का यह कदम तमिलनाडु की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति और भाजपा दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। हालांकि, अभी सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अन्नामलाई की नई पार्टी का नाम, विचारधारा और भविष्य की रणनीति क्या होगी।
