गर्मी के इस मौसम में चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के डेली मार्केट और रेलवे स्टेशन रोड पर आम की बहार आ गई है। स्थानीय दैनिक बाजार में हर रोज सैकड़ों किसान अपनी ताजा साग-सब्जियां और बागवानों से तोड़े गए रसीले आम लेकर पहुंच रहे हैं। बिचौलियों के बिना सीधे किसानों से मिल रहे इन ताजे फलों को खरीदने के लिए बाजार में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
बाजार की मुख्य बातें:
- किफायती दाम: बाजार में ‘नगाड़ा’, ‘आम्रपाली’ और स्थानीय ‘देहाती’ समेत कई देसी प्रजातियों के आम ₹20 से ₹60 प्रति किलो की बेहद किफायती कीमत पर उपलब्ध हैं।
- प्राकृतिक रूप से पके आमों की मांग: पेड़ पर प्राकृतिक रूप से पके हुए आमों की डिमांड सबसे ज्यादा है। लोग केमिकल मुक्त और ताजे आमों को खूब पसंद कर रहे हैं।
- यात्रियों के लिए सहूलियत: स्टेशन रोड पर बाजार सजने के कारण ट्रेन पकड़ने आने-जाने वाले यात्री भी सफर से पहले या घर लौटते समय झोला भरकर आम और सब्जियां खरीद रहे हैं।

रासुनिया पंचायत के मुखिया भी बेच रहे हैं अपने बगीचे के आम
इस बाजार की एक खास बात यह भी है कि रासुनिया पंचायत के मुखिया मंगल माझी खुद पिछले दो महीनों से रोजाना 30 से 40 किलो आम बेच रहे हैं। मुखिया मंगल माझी ने बताया कि चांडिल अनुमंडल के विभिन्न गांवों के किसान अपने बाग-बगीचों से सीधे फल लाकर यहां बेचते हैं। प्राकृतिक रूप से पके होने के कारण ग्राहक इनके आमों को हाथों-हाथ खरीद रहे हैं।
बिचौलियों के बिना सीधे बिक्री होने से जहां एक तरफ किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ताओं को भी बेहद कम कीमत पर बिल्कुल ताजे और रसीले फल उपलब्ध हो रहे हैं।”
भीषण गर्मी के बीच आम के इस बाजार ने न सिर्फ लोगों को स्वाद का तोहफा दिया है, बल्कि स्थानीय किसानों की आजीविका को भी बड़ा संबल प्रदान किया है।
