रांची: झारखंड की राजधानी रांची को एयरपोर्ट जैसा आधुनिक रेलवे स्टेशन देने का सपना देख रहे यात्रियों के लिए एक मायूस करने वाली खबर है। 447 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे पुनर्विकास (Redevelopment) प्रोजेक्ट की रफ्तार सुस्त पड़ गई है, जिसके चलते अब यात्रियों को इन विश्वस्तरीय सुविधाओं का लाभ लेने के लिए 3 महीने और इंतजार करना होगा।
साउथ गेट और प्लेटफॉर्म-6 पर अटकी बात
प्रोजेक्ट की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि स्टेशन के साउथ गेट और प्लेटफॉर्म संख्या-6 का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। रेलवे की योजना इन हिस्सों को जल्द चालू करने की थी, लेकिन निर्माण की धीमी गति और फिनिशिंग में आ रही दिक्कतों की वजह से समय सीमा (Deadlines) को आगे बढ़ाना पड़ा है।
कैसा होगा आपका नया रांची स्टेशन?
देरी के बावजूद, जब यह प्रोजेक्ट पूरा होगा तो रांची रेलवे स्टेशन का नजारा पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। स्टेशन पर मिलने वाली खास सुविधाएं:
- आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: 17 लिफ्ट, 19 एस्केलेटर और 100 शानदार रिटायरिंग रूम।
- फूड और स्टे: बड़ा फूड प्लाजा और पहली बार यात्रियों के लिए स्लीपिंग पॉड्स की सुविधा।
- क्षमता: एक साथ करीब 35 हजार यात्रियों की आवाजाही संभालने वाला विशाल आधुनिक कॉनकोर्स।
- कनेक्टिविटी: नॉर्थ और साउथ एंट्री के बीच सीधा तालमेल और बेहतर पार्किंग व्यवस्था।
सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर जोर
रेलवे का लक्ष्य केवल चकाचौंध बढ़ाना नहीं, बल्कि भीड़ को नियंत्रित करना भी है। इसके लिए एंट्री (प्रवेश) और एग्जिट (निकास) के अलग-अलग रास्ते बनाए जा रहे हैं। निर्माण कार्य फिलहाल अंतिम चरण में है, लेकिन जब तक फिनिशिंग का काम पूरा नहीं होता, यात्रियों को वर्तमान व्यवस्था के साथ ही तालमेल बिठाना होगा।
प्रशासन का तर्क: रेलवे अधिकारियों का कहना है कि काम की गुणवत्ता से समझौता न हो, इसलिए फिनिशिंग में अतिरिक्त समय लग रहा है। उम्मीद है कि अगले 90 दिनों के भीतर रांची वासी अपने नए स्टेशन पर गर्व कर सकेंगे।









