रांची शर्मसार: दुष्कर्म आरोपी की मां के साथ अमानवीयता पर सियासी उबाल, ‘भीड़तंत्र’ के खिलाफ उठ रहे सवाल

Johar News Times
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रांची: झारखंड की राजधानी रांची में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। दो दिन पूर्व एक दुष्कर्म आरोपी की मां के चेहरे पर कालिख पोतकर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का वीडियो वायरल होने के बाद, अब यह मामला पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है। कानून को हाथ में लेने की इस ‘भीड़तंत्र’ वाली मानसिकता ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक दुष्कर्म की घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों के समूह ने अपना गुस्सा आरोपी के बजाय उसकी वृद्ध मां पर निकाला। भीड़ ने महिला को पकड़कर उसके चेहरे पर कालिख पोती और उसे सरेराह अपमानित किया। इस अमानवीय कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद मानवाधिकार संगठनों और प्रबुद्ध समाज ने इसकी कड़ी निंदा की है।

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विपक्ष हमलावर: “झारखंड में हावी है भीड़तंत्र”

इस घटना ने राज्य की सियासत में आग लगा दी है। विपक्षी दलों ने हेमंत सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में कानून का इकबाल खत्म हो चुका है। विपक्ष का कहना है:

  • विफल कानून-व्यवस्था: अपराधियों को सजा दिलाने के बजाय भीड़ द्वारा सजा तय करना शासन की विफलता है।
  • असुरक्षित महिलाएं: जब राजधानी में ही महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो दूरदराज के इलाकों का क्या हाल होगा?
  • जवाबदेही: विपक्ष ने गृह विभाग से इस मामले में तत्काल जवाबदेही तय करने की मांग की है।

सत्ता पक्ष का पलटवार: “दोषी बख्शे नहीं जाएंगे”

वहीं, सत्ताधारी दल ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा है कि किसी भी अमानवीय कृत्य का समर्थन नहीं किया जा सकता। सरकार का दावा है कि पुलिस पूरी तरह सक्रिय है और दुष्कर्म के आरोपी के साथ-साथ महिला के साथ दुर्व्यवहार करने वालों को भी चिन्हित किया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया कि “कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”

प्रशासनिक कार्रवाई: दो अलग-अलग FIR दर्ज

रांची पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए दोहरी कार्रवाई शुरू की है:

  1. दुष्कर्म मामला: मुख्य आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया और छापेमारी जारी है।
  2. महिला के साथ दुर्व्यवहार: आरोपी की मां के साथ हुई अमानवीयता को भी ‘गंभीर अपराध’ मानते हुए अलग से एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने कानून को हाथ में लिया।

सामाजिक विमर्श और सुरक्षा

फिलहाल पीड़ित महिला की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और इलाके में स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि, इस घटना ने एक बड़ी बहस छेड़ दी है कि क्या समाज में न्याय का पैमाना ‘भीड़’ तय करेगी? विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक ताने-बाने के लिए घातक हैं।

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