रायकेला: चांडिल स्टेशन पर 3 लिफ्ट और यात्री सुविधाओं का सांसद ने लिया जायजा, 31 जुलाई से नहीं लगेगा जाम

सांसद संजय सेठ का एलान- 31 जुलाई को खुलेगा पितकी रेलवे ओवरब्रिज, दशकों पुराने जाम का होगा परमानेंट एंड; स्टेशन पर उड़ रही कोयले की धूल को रोकने के दिए सख्त निर्देश।

Johar News Times
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दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले चांडिल जंक्शन रेलवे स्टेशन का बुधवार को सांसद संजय सेठ ने सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत यात्रियों के लिए बहाल की जा रही सुविधाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के वक्त स्टेशन मास्टर विष्णु तांती और आद्रा प्रमंडल के कई वरिष्ठ रेल अधिकारी भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

सांसद संजय सेठ ने अमृत भारत योजना के तहत नवनिर्मित 3 हाईटेक लिफ्ट, नए टिकट बुकिंग काउंटर, प्लेटफॉर्म और यात्री वेटिंग रूम की व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा।

31 जुलाई को खत्म होगा 50 साल का इंतजार, जाम से मिलेगी मुक्ति

निरीक्षण के बाद मीडिया से बात करते हुए सांसद संजय सेठ ने क्षेत्र की जनता के लिए एक बड़ी खुशखबरी साझा की। उन्होंने बताया कि एनएच 32 पर पितकी रेलवे गेट स्थित नवनिर्मित रेलवे ओवरब्रिज का उद्घाटन आगामी 31 जुलाई को कर दिया जाएगा।

सांसद ने भावुक होते हुए कहा, “आगामी 31 जुलाई से क्षेत्र की जनता को जीवनभर के लिए जाम से मुक्ति मिल जाएगी। पिछले 50 सालों से, यानी कई दशकों से लोग इस ओवरब्रिज का इंतजार कर रहे थे। अब नीमडीह या पुरुलिया जाने के लिए लोगों को सोचना नहीं पड़ेगा और क्षेत्र का यातायात पूरी तरह से दुरुस्त हो जाएगा।” उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सोच है कि छोटे-छोटे स्टेशनों को भी बड़े महानगरों के स्टेशनों जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें, इसी सोच के तहत चांडिल में लिफ्ट, शौचालय और अधिकतर एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया गया है।

कोयले की उड़ती धूल पर मीडिया के सवाल, सांसद ने जताई चिंता

निरीक्षण के दौरान मीडिया कर्मियों ने सांसद के सामने यात्रियों से जुड़ी एक बेहद गंभीर समस्या को उठाया। चांडिल रेलवे जंक्शन पर लंबे समय से विभिन्न औद्योगिक प्लांटों के लिए कोयला और आयरन ओर की रैक अनलोड की जाती है। यहाँ से हाईवा और डंपरों के जरिए माल ले जाया जाता है। भीषण गर्मी और तेज आंधी के कारण इस कोयले की महीन धूल उड़कर प्लेटफॉर्म, वेटिंग हॉल, विश्राम कक्ष और टिकट बुकिंग काउंटर तक जमा हो जाती है, जिससे यात्रियों का सांस लेना दूभर हो जाता है और करोड़ों की लागत से बना ‘अमृत भारत स्टेशन’ काला और गंदा दिखने लगता है

इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेते हुए सांसद संजय सेठ ने मौके पर मौजूद रेल अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिया कि वे संबंधित औद्योगिक प्लांटों के प्रबंधन से तुरंत बात करें। माल की अनलोडिंग और परिवहन के दौरान उड़ने वाली धूल को रोकने के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन जैसे अन्य सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित किए जाएं। सांसद ने स्पष्ट कहा कि ‘अमृत भारत स्टेशन’ की गरिमा और सुंदरता हर हाल में बनी रहनी चाहिए और यात्रियों को स्वच्छ वातावरण मिलना ही चाहिए।

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