घाटशिला कॉलेज में विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण, अगस्त में मनेगा भव्य ‘वन महोत्सव’

"सांसें हो रही हैं कम, आओ पेड़ लगाएं हम: घाटशिला कॉलेज ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प।"

Johar News Times
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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर घाटशिला कॉलेज परिसर में पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष जागरूकता और पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान कॉलेज परिसर में 20 औषधीय और छायादार पौधे लगाए गए। कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर. के. चौधरी ने खुद पौधा लगाकर की। इस मौके पर कॉलेज के शिक्षकों, कर्मचारियों, एनसीसी कैडेट्स और भारी संख्या में छात्र-छात्राओं ने पर्यावरण को बचाने और प्रदूषण मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

अगस्त में लगेगा पौधों का महाकुंभ, ‘गुरु सम्मान’ में छात्र लगाएंगे पौधे

अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. आर. के. चौधरी ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि हम सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने युवाओं से जल संरक्षण और अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की।

प्राचार्य ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में कॉलेज में बड़े स्तर पर ‘वन महोत्सव’ का आयोजन किया जाएगा। इस महोत्सव के तहत कॉलेज के छात्र-छात्राएं अपने गुरुओं के सम्मान में अपने गांव या घर के आसपास एक-एक पौधा लगाएंगे।

विशेष प्रोत्साहन: प्राचार्य ने घोषणा की कि जो भी विद्यार्थी 5 या उससे अधिक पौधे लगाएगा और उसका साक्ष्य (फोटो/वीडियो) कॉलेज में प्रस्तुत करेगा, उसे कॉलेज प्रबंधन की ओर से विशेष रूप से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आज की जरूरत: प्रो. इंदल पासवान

कार्यक्रम के संयोजक प्रो. इंदल पासवान ने उपस्थित लोगों को पर्यावरण प्रदूषण के गंभीर दुष्प्रभावों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि जिस तेजी से प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो रहा है, उसे रोकने के लिए आज से ही ठोस कदम उठाने होंगे।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

इस गरिमामयी अवसर पर एनसीसी अधिकारी डॉ. महेश्वर प्रमाणिक, डॉ. कन्हाई बारिक, डॉ. सिंगो सोरेन, डॉ. चिरंतन महतो, डॉ. सरयू पॉल, डॉ. रुचि स्मिता, डॉ. मुकेश कुमार सिंह, आकाश कुमार, समाजसेवी देवी प्रसाद मुखर्जी, साधु चरण पाल, प्रताप अधिकारी, साधना पाल और कल्पना सोम मुख्य रूप से उपस्थित थे।

साथ ही वरिष्ठ एनसीसी कैडेट्स जयंत शर्मा, अजित टुडू, मनिका सोरेन, भैरवि मार्डी, रूपंति गोप, सुरजीत बोल, विभु सोरेन, श्याम हांसदा, बुधुरानी टुडू, दांगी हेम्ब्रम सहित दर्जनों छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।

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