मेयर सुधा गुप्ता की अनूठी पहल: अब गुलदस्ता नहीं, ‘पौधा और किताब’ से होगा अतिथियों का सत्कार!

Mayor Sudha Gupta's unique initiative: Now guests will be welcomed not with bouquets but with 'plants and books'!

Johar News Times
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जमशेदपुर: मानगो नगर निगम की प्रथम महापौर (मेयर) सुधा गुप्ता ने शहर की राजनैतिक और सामाजिक परिपाटी को बदलने की दिशा में एक शानदार पहल शुरू की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब मानगो नगर क्षेत्र में होने वाले किसी भी सरकारी या सार्वजनिक कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत फूलों के गुलदस्ते से नहीं, बल्कि पौधों या किताबों से किया जाएगा।

सादा जीवन, उच्च विचार: दिखावे पर लगेगी लगाम

मेयर सुधा गुप्ता ने कहा कि फूलों के गुलदस्ते कुछ ही घंटों में मुरझा जाते हैं और यह एक तरह की फिजूलखर्ची है। इसके उलट:

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  • पौधा: पर्यावरण के लिए जीवनदायी है और भविष्य में छाया व ऑक्सीजन देता है।
  • किताब: ज्ञान का प्रतीक है जो समाज को शिक्षित करने का काम करती है।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि मानगो नगर निगम द्वारा आयोजित सभी कार्यक्रम पूरी सादगी से होंगे और अनावश्यक तड़क-भड़क या दिखावे पर रोक लगाई जाएगी।


मारवाड़ी समाज के भव्य समारोह में हुआ अभिनंदन

यह गौरवशाली घोषणा मेयर ने साकची स्थित अग्रसेन भवन में आयोजित मारवाड़ी समाज जमशेदपुर के ‘भव्य सम्मान एवं अभिनंदन समारोह’ के दौरान की। इस कार्यक्रम में नगर निकाय चुनावों में विजयी हुए समाज के जन-प्रतिनिधियों का नागरिक अभिनंदन किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि: झारखंड सरकार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता रहे। कार्यक्रम में समाज की विभिन्न संस्थाओं ने सभी अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

इन जनप्रतिनिधियों का हुआ सम्मान:

समारोह में समाज के गौरव और नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों को अंगवस्त्र, पगड़ी और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया:

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  1. सुधा गुप्ता – महापौर, मानगो नगर निगम
  2. मनोज कुमार चौधरी – अध्यक्ष, सरायकेला नगर पंचायत
  3. सत्यनारायण अग्रवाल – वार्ड पार्षद, जुगसलाई नगर परिषद
  4. सुरेश शर्मा – वार्ड पार्षद, जुगसलाई नगर परिषद
  5. अनिल कुमार मोदी – वार्ड पार्षद, जुगसलाई नगर परिषद
  6. शिल्पा तापड़िया – वार्ड पार्षद, जुगसलाई नगर परिषद
  7. इन्दु शर्मा – वार्ड सदस्य, चाकुलिया नगर पंचायत

मेयर की इस ‘ग्रीन और ज्ञान’ वाली पहल की शहर के बुद्धिजीवियों और पर्यावरण प्रेमियों ने जमकर सराहना की है। अब उम्मीद की जा रही है कि मानगो की यह पहल पूरे झारखंड के लिए एक मिसाल बनेगी।

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