मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर झारखंड सरकार ने राज्य के वरिष्ठ, गंभीर रूप से बीमार और स्थायी रूप से दिव्यांग कलाकारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के लिए “मासिक निवृत्तिका (कलाकार पेंशन) योजना” को मंजूरी दे दी है। योजना के तहत पात्र कलाकारों को प्रतिमाह 4,000 रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। सरकार का उद्देश्य आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे कलाकारों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना और कला क्षेत्र में उनके योगदान का सम्मान करना है। कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग द्वारा योजना के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। चयनित कलाकारों के आधार से जुड़े बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से हर महीने पेंशन राशि भेजी जाएगी। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। कला, संस्कृति एवं युवा कार्य विभाग के निदेशक आसिफ एकराम ने बताया कि यह योजना उन कलाकारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा साबित होगी, जो बढ़ती उम्र, गंभीर बीमारी या स्थायी दिव्यांगता के कारण आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की यह पहल कलाकारों के जीवनभर के योगदान के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक है।
इन कलाकारों को मिलेगा योजना का लाभ
योजना का लाभ झारखंड के मूल निवासी ऐसे कलाकारों को दिया जाएगा, जो वृद्धावस्था, गंभीर बीमारी या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में हैं। इसके तहत निम्न क्षेत्रों से जुड़े कलाकार आवेदन कर सकते हैं—
- संगीत
- नृत्य
- रंगमंच
- लोककला
- चित्रकला
- मूर्तिकला
- अन्य सांस्कृतिक एवं पारंपरिक कला विधाएं
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
इच्छुक कलाकारों को आवेदन पत्र के साथ निम्न दस्तावेज जमा करने होंगे—
- आयु प्रमाण-पत्र
- आय प्रमाण-पत्र
- निवास प्रमाण-पत्र
- आधार कार्ड
- बैंक खाते का विवरण
- कला क्षेत्र में उपलब्धियों एवं सम्मान से संबंधित प्रमाण-पत्र
- गंभीर बीमारी या स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी प्रमाण-पत्र
कैसे करें आवेदन
योजना से संबंधित दिशा-निर्देश और आवेदन प्रपत्र झारखंड संस्कृति विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त किए जा सकते हैं। आवेदन पत्र डाउनलोड कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ सांस्कृतिक कार्य निदेशालय, रांची में जमा करना होगा।
राज्य सरकार का मानना है कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों के लिए सहारा बनेगी और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में मदद करेगी। साथ ही यह कदम झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने वाले कलाकारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को भी दर्शाता है।
