झारखंड समेत देश के कोल सेक्टर में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव सामने आया है। कोल इंडिया लिमिटेड ने 500 से अधिक अधिकारियों को पदोन्नति देते हुए उन्हें उच्च पदों पर नियुक्त किया है। इस फैसले से कंपनी के विभिन्न विभागों में व्यापक स्तर पर पुनर्गठन देखने को मिलेगा।
530 से अधिक अधिकारियों को मिला प्रमोशन
जारी आदेश के अनुसार कुल लगभग 530 अधिकारियों को ई-5 ग्रेड से ई-6 ग्रेड (वरिष्ठ प्रबंधक) में पदोन्नत किया गया है। इसमें भारत कोल लिमिटेड समेत कोल इंडिया की सभी अनुषंगी कंपनियों के अधिकारी शामिल हैं।
सबसे ज्यादा पदोन्नति माइनिंग (प्रथम श्रेणी) के 153 प्रबंधकों को मिली है। इसके अलावा:
- उत्खनन (Excavation) – 51 अधिकारी
- वित्त – 53 अधिकारी
- मानव संसाधन – 78 अधिकारी
- सिविल – 28 अधिकारी
- इलेक्ट्रिकल एवं मैकेनिकल – 35 अधिकारी
- डॉक्टर – 45
इसके साथ ही विधि, सेल्स एवं मार्केटिंग, जनसंपर्क, सर्वे, सिस्टम और जियोलॉजी जैसे विभागों के अधिकारियों को भी प्रमोशन दिया गया है।
नया वेतनमान और बढ़ी जिम्मेदारियां
पदोन्नति के बाद अधिकारियों का वेतनमान ₹1.20 लाख से बढ़कर ₹2.80 लाख तक हो गया है। यह बदलाव सिर्फ सैलरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे उनकी प्रशासनिक जिम्मेदारियों और अधिकारों में भी बड़ा इजाफा होगा।
प्रमोशन के साथ ट्रांसफर भी
इस आदेश की एक महत्वपूर्ण बात यह है कि कई अधिकारियों का इंटर-कंपनी ट्रांसफर भी किया गया है। यानी प्रमोशन के साथ ही उन्हें कोल इंडिया की अलग-अलग अनुषंगी कंपनियों में नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी। इससे पूरे संगठन में मानव संसाधन का पुनर्गठन होगा।
कब से लागू होगा आदेश?
आदेश के अनुसार पदोन्नति जारी होने की तिथि से प्रभावी मानी जाएगी। हालांकि, अधिकारियों को वित्तीय लाभ तभी मिलेगा जब वे नई जगह पर रिपोर्ट कर अपने उच्च पद का कार्यभार संभाल लेंगे। उनकी तैनाती और जिम्मेदारियों का निर्धारण संबंधित अनुषंगी कंपनियों के सीएमडी (CMD) द्वारा किया जाएगा।











