श्रीनगर: कश्मीर में जून की शुरुआत में हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने सेब उत्पादकों को भारी झटका दिया है। महज 22 मिनट तक हुई ओलावृष्टि ने घाटी के कई इलाकों में तबाही मचा दी, जिससे सेब की करीब 30 प्रतिशत फसल नष्ट हो गई। प्रारंभिक आकलन के अनुसार किसानों को लगभग 400 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग, शोपियां और कुलगाम शामिल हैं, जहां हजारों एकड़ में फैले सेब के बागों को नुकसान पहुंचा है। पेड़ों से बड़ी संख्या में कच्चे सेब टूटकर जमीन पर गिर गए, जिससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया।
अनंतनाग के अचाबल क्षेत्र की किसान गुलशन बानो बताती हैं कि 5 और 9 जून को आई तूफानी बारिश और ओलों ने उनके चार कनाल के बाग में लगभग 90 प्रतिशत फसल बर्बाद कर दी। टूटकर गिरे सेब बाजार में बेचने लायक नहीं बचे, इसलिए उन्हें नहर में फेंकना पड़ रहा है।
किसानों का कहना है कि नुकसान इतना बड़ा है कि कई परिवारों की आर्थिक स्थिति डगमगा गई है। कुछ किसानों ने बताया कि फसल से मिलने वाली आय पर ही बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और बेटियों की शादी जैसी जिम्मेदारियां निर्भर थीं। अब उन्हें भविष्य की योजनाएं टालने की नौबत आ गई है। बागवानों ने सरकार से विशेष राहत पैकेज, फसल क्षति का सर्वेक्षण और उचित मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द सहायता नहीं मिली तो हजारों सेब उत्पादक परिवार गंभीर आर्थिक संकट में फंस सकते हैं।
