झारखंड सियासत: पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को राज्यसभा भेजने की मांग तेज, कांग्रेस नेता उदय लखमानी ने सोनिया-राहुल और खड़गे को लिखा पत्र

"महागठबंधन के 'संकटमोचक' के लिए दिल्ली तक लॉबिंग: पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को राज्यसभा भेजने के लिए कांग्रेस नेता उदय लखमानी ने खड़गे और राहुल गांधी को लिखा खत।"

Johar News Times
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झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस के पीसीसी कोऑर्डिनेटर सह पाकुड़ जिला प्रभारी उदय लखमानी ने पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को झारखंड से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने की पुरजोर वकालत की है। इस संबंध में उन्होंने नई दिल्ली से लेकर रांची तक कांग्रेस के राष्ट्रीय एवं राज्यस्तरीय शीर्ष नेतृत्व को एक पत्र भेजकर अपनी मांग आधिकारिक रूप से सामने रखी है।

मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत इन दिग्गजों को भेजा पत्र

उदय लखमानी ने महागठबंधन और कांग्रेस के तमाम शीर्ष नीति-निर्धारकों को पत्र लिखकर आलमगीर आलम के नाम पर मुहर लगाने का आग्रह किया है। उन्होंने यह पत्र निम्नलिखित नेताओं को प्रेषित किया है:

  • मल्लिकार्जुन खड़गे (राष्ट्रीय अध्यक्ष, कांग्रेस)
  • राहुल गांधी (लोकसभा में विपक्ष के नेता)
  • के. सी. वेणुगोपाल (एआईसीसी संगठन महासचिव)
  • प्रियंका गांधी वाड्रा (सांसद एवं राष्ट्रीय नेता)
  • हेमंत सोरेन (मुख्यमंत्री, झारखंड)
  • के. राजू (झारखंड कांग्रेस प्रभारी)
  • केशव महतो कमलेश (प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष)
  • प्रदीप यादव (कांग्रेस विधायक दल के नेता)

“अल्पसंख्यकों सहित सभी वर्गों में मजबूत पकड़”

कांग्रेस आलाकमान को भेजे गए अपने पत्र में उदय लखमानी ने आलमगीर आलम की राजनीतिक ताकत और उनके कद का विशेष रूप से उल्लेख किया है। लखमानी ने कहा:

“आलमगीर आलम झारखंड महागठबंधन के सबसे मजबूत, अनुभवी और प्रभावशाली स्तंभों में से एक हैं। उनकी पकड़ केवल अल्पसंख्यक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सभी वर्गों और समुदायों को साथ लेकर चलने वाले एक बेहद जनप्रिय और सर्वमान्य नेता हैं।”

संकटमोचक की भूमिका और रणनीतिक कौशल का हवाला

उदय लखमानी ने अपने पत्र में दावा किया कि आलमगीर आलम के पास लंबा राजनीतिक अनुभव, अद्वितीय संगठन क्षमता और बेहतरीन रणनीतिक कौशल है। उन्होंने समय-समय पर झारखंड की गठबंधन सरकार को कई राजनीतिक संकटों से उबारने में बेहद महत्वपूर्ण और ‘संकटमोचक’ की भूमिका निभाई है। कठिन से कठिन राजनीतिक चुनौतियों के दौर में भी उन्होंने आपसी समझ और सूझबूझ से पूरे गठबंधन को पूरी तरह एकजुट बनाए रखा।

लखमानी ने शीर्ष नेतृत्व से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए आलमगीर आलम को देश के उच्च सदन में भेजना झारखंड और महागठबंधन दोनों के लिए ही दूरगामी और राजनीतिक रूप से बेहद लाभकारी साबित होगा। उन्होंने कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से इस विषय पर अत्यंत गंभीरता से विचार करते हुए जल्द से जल्द उनके नाम की आधिकारिक घोषणा करने की मांग की है। इस पत्र के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।

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