रांची (रातू): झारखंड की राजधानी के रातू थाना क्षेत्र के झखराटांड़ से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों को तार-तार कर दिया है। एक 13 साल की मासूम बच्ची, जिसे एक परिवार ने 8 साल पहले बेहतर भविष्य के लिए अपनाया था, उसी परिवार के बेटे ने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और पहचान छिपाने के लिए शव को दूसरे राज्य ले जाकर जला दिया।

अपराध की पटकथा: चीख दबाने के लिए ‘गरुड़ पुराण’ का सहारा
घटना 13 मार्च की रात की है। आरोपी राहुल उर्फ अक्षय ने अपनी मुंहबोली बहन राजनंदिनी का गला घोंटकर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद जो हुआ वह और भी चौंकाने वाला था:
- साजिश: हत्या के बाद आरोपी परिवार तीन दिनों तक गायब रहा।
- पाखंड: 16 मार्च को लौटने के बाद बच्ची के लापता होने की झूठी कहानी गढ़ी गई। शक न हो, इसलिए बंद कमरे में ‘गरुड़ पुराण’ का पाठ कराया गया ताकि लोगों को लगे कि परिवार धार्मिक और दुखी है।
- साक्ष्य मिटाना: कमलेश मेमोरियल अस्पताल के संचालक अमरेश पाठक की मदद से एंबुलेंस (JH 01 AA 1245) के जरिए शव को बिहार के गयाजी ले जाया गया और वहां गुप्त तरीके से अंतिम संस्कार कर दिया गया।
हत्या की वजह: पारिवारिक कलह और शक
पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना की रात सुबोध पाठक और उनके बेटे अक्षय के बीच विवाद हो रहा था। राजनंदिनी ने अपने फूफा (सुबोध) का पक्ष लिया, जिससे अक्षय आगबबूला हो गया। इसके अलावा, बच्ची का अक्षय के साले के साथ कथित प्रेम-प्रसंग भी परिवार को खटक रहा था। इसी गुस्से में अक्षय ने मासूम का गला घोंट दिया।
खुलासे की कड़ी: पड़ोसियों की सजगता और पुलिस की सख्ती

- पड़ोसियों का शक: घटना की रात बच्ची के चीखने की आवाज सुनकर पड़ोसियों को अंदेशा हो गया था।
- पुलिस की कार्रवाई: ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर के नेतृत्व में जब कड़ाई से पूछताछ हुई, तो पांचवें दिन अक्षय ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
- गिरफ्तारी: पुलिस ने आरोपी पिता सुबोध पाठक और पुत्र अक्षय पाठक को गिरफ्तार कर लिया है। एंबुलेंस चालक को हिरासत में लिया गया है, जबकि अस्पताल संचालक अमरेश पाठक फिलहाल फरार है।
8 साल का रिश्ता, दर्दनाक अंत
मृतक राजनंदिनी मूल रूप से औरंगाबाद (बिहार) की रहने वाली थी। उसके पिता दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर थे, इसलिए सुबोध पाठक उसे बेहतर परवरिश के लिए रांची लाए थे। राजनंदिनी के आधार कार्ड में भी पिता के रूप में सुबोध का ही नाम दर्ज था। जिसे उसने अपना घर समझा, वही उसके लिए श्मशान बन गया।
वर्तमान स्थिति
पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एंबुलेंस को जब्त कर लिया है और फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही है। इस घटना के बाद से पूरे रातू इलाके में आक्रोश और डर का माहौल है।









