झारखंड की राजधानी रांची की ट्रैफिक व्यवस्था की जमीनी हकीकत जानने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार शाम को अचानक एक आम नागरिक की तरह सड़कों पर उतर पड़े। मुख्यमंत्री बिना किसी तामझाम, सुरक्षा कारकेड और वीआईपी हूटर्स के अपने कांके रोड स्थित आवास से रवाना हुए। इस औचक निरीक्षण के दौरान जब सीएम कांटाटोली चौक पहुंचे, तो वहां की बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था और लंबा जाम देखकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई।
सूत्रों के मुताबिक, कांटाटोली चौक पर अव्यवस्थित ट्रैफिक को देखकर मुख्यमंत्री खुद वाहन से नीचे उतर आए। उन्होंने मौके पर तैनात ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों को तलब किया और व्यवस्था में तुरंत सुधार करने के कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि:
- सड़कों पर होने वाली अवैध पार्किंग के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई की जाए।
- आम जनता को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए सुगम यातायात हर हाल में सुनिश्चित हो।
मुख्यमंत्री के इस तरह बिना किसी पूर्व सूचना और बिना सुरक्षा अमले के शहर में घूमने की खबर जैसे ही लीक हुई, रांची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में सभी चौक-चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी और अधिकारी अलर्ट मोड पर आ गए।
जमीनी हकीकत और जनता की समस्याओं को करीब से समझने के लिए मुख्यमंत्री पहले भी ऐसे सरप्राइज विजिट कर चुके हैं:
- 13 दिसंबर 2025: बिना सुरक्षा के रांची शहर का दौरा कर ट्रैफिक, साफ-सफाई और नागरिक सुविधाओं का जायजा लिया था।
- 28 अप्रैल 2026: अचानक प्रोजेक्ट भवन पहुंचे थे और आम लोगों की तरह ट्रैफिक और नागरिक समस्याओं को समझने की बात कही थी।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं: फ्लाईओवरों के निर्माण कार्य से लेकर कोरोना काल तक, मुख्यमंत्री लगातार बिना किसी तामझाम के जमीनी स्थिति का आकलन करते रहे हैं। हाल ही में नगर विकास विभाग की बैठक में भी उन्होंने जलाशयों की सुरक्षा, अतिक्रमण हटाने और शहरी व्यवस्था दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए थे। सीएम ने साफ कर दिया है कि राजधानी की यातायात व्यवस्था को सुधारना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
