ओमान तट पर जहाजों पर हमले: भारत ने दो दिन में दूसरी बार अमेरिकी राजनयिक को किया तलब, जताया कड़ा विरोध

"ओमान तट पर अमेरिकी मिसाइल हमलों से भड़का भारत, दो दिन में दूसरी बार राजनयिक तलब; भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर संकट।"

Johar News Times
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ओमान तट और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के पास वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। भारत ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स जेसन मीक्स को दो दिनों के भीतर लगातार दूसरी बार तलब किया है।

विदेश मंत्रालय ने इस घटनाक्रम पर अपनी गहरी नाराजगी और गंभीर चिंता जताते हुए अमेरिकी राजनयिक के समक्ष औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। शुक्रवार दोपहर को विदेश मंत्रालय के अमेरिका प्रभाग के अतिरिक्त सचिव नागराज नायडू ने अमेरिकी प्रतिनिधि के साथ बैठक की, जिसमें भारतीय नाविकों की सुरक्षा और क्षेत्र में बिगड़ते समुद्री हालातों को लेकर तीखे सवाल पूछे गए।

दो दिन में दूसरी बार कूटनीतिक एक्शन

यह लगातार दूसरी बार है जब भारत सरकार ने अमेरिकी मिशन के आला अधिकारी को तलब किया है। इससे पहले बीते 10 जून को भी एक वाणिज्यिक जहाज पर हमले के बाद भारत ने अमेरिका के सामने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया था। लगातार हो रही इन घटनाओं के कारण दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गलियारों में सरगर्मी बढ़ गई है।

MT Jalveer पर अमेरिकी मिसाइल हमला, 22 भारतीय सुरक्षित बचाए गए

ताजा घटना गिनी-बिसाउ के झंडे वाले टैंकर MT Jalveer से जुड़ी है, जिसे अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में निशाना बनाया गया। गनीमत यह रही कि जहाज पर सवार सभी 22 भारतीय चालक दल के सदस्यों को समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया। ओमान की रॉयल नेवी की मदद से सभी नाविकों को रेस्क्यू कर ओमान के शिनास बंदरगाह पहुंचाया गया है, जहां भारतीय दूतावास उनकी देखभाल कर रहा है।

पहले हमले में हुई थी 3 भारतीयों की मौत इससे पहले हुए एक अन्य अमेरिकी हमले में कुल 24 भारतीय नाविकों में से 21 को तो बचा लिया गया था, लेकिन 3 भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद से ही भारतीय समुद्री कर्मियों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार का रुख बेहद कड़ा हो गया है।

अमेरिका का दावा: ईरान पर लगे प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था जहाज

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए अपना पक्ष रखा है। CENTCOM के मुताबिक, MT Jalveer ईरान से कच्चे तेल का अवैध परिवहन करने की कोशिश कर रहा था। अमेरिकी सेना के निर्देशों का पालन न करने पर जहाज के इंजन रूम पर दो Hellfire मिसाइलें दागी गईं, जिससे जहाज बीच समुद्र में ही निष्क्रिय हो गया।

अमेरिकी सेना का दावा है कि इससे पहले इसी हफ्ते दो अन्य जहाजों MT Marivex और MT Settebello को भी ईरान के खिलाफ लगे प्रतिबंधों के उल्लंघन के आरोप में इसी तरह निशाना बनाया गया था। बताया जा रहा है कि MT Jalveer को गत 15 मई को भी अमेरिकी विमानों द्वारा चेतावनी फायरिंग कर वापस लौटने को कहा गया था।

पीएम मोदी के यूरोप दौरे के बीच बढ़ा तनाव

यह गंभीर कूटनीतिक विवाद ऐसे समय में खड़ा हुआ है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फ्रांस और स्लोवाकिया की आधिकारिक यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। पीएम मोदी 13 से 18 जून के बीच फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर रहेंगे। इस हाई-प्रोफाइल दौरे के बीच इस मुद्दे के अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी गूंजने की पूरी संभावना है।

भारत की दोटूक: जांच हो और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए

विदेश मंत्रालय ने अमेरिका से इन हमलों की विस्तृत जांच करने, जिम्मेदारी तय करने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर भारतीय नाविकों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करने की दोटूक मांग की है। भारत ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के एकतरफा हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डाल रहे हैं, बल्कि वैश्विक समुद्री व्यापार और मानवीय सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा संकट बन चुके हैं।

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