सरायकेला और ईचागढ़ में प्रशासनिक हलचल: वरीय अधिकारियों ने किया औचक निरीक्षण; लंबित आवासों को 15 दिनों में पूरा करने का अल्टीमेटम

एक्शन मोड में जिला प्रशासन: तिरुलडीह से कोलाबीरा तक योजनाओं की जांच, लंबित आवासों को 15 दिनों में पूरा करने का कड़ा निर्देश!

Johar News Times
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सरायकेला-खरसावां जिले में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने और उनके क्रियान्वयन में तेजी लाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में ईचागढ़ और सरायकेला प्रखंड के वरीय अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों का तूफानी दौरा कर विभिन्न सरकारी योजनाओं और संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ईचागढ़ प्रखंड के वरीय पदाधिकारी सह जिला परिवहन पदाधिकारी श्री गिरिजा शंकर महतो ने तिरुलडीह और सिल्ली पंचायत का सघन दौरा किया।

  • उत्क्रमित मध्य विद्यालय तिरुलडीह में औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, बच्चों के नामांकन और उपस्थिति पंजी की बारीकी से जांच की।
  • उन्होंने मनरेगा के तहत चल रहे तालाब जीर्णोद्धार कार्य का जायजा लिया और मजदूरों को समय पर भुगतान करने के निर्देश दिए। वहीं, पीएम आवास योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई और लंबित आवासों को हर हाल में 15 दिनों के भीतर पूर्ण करने का कड़ा अल्टीमेटम दिया।

दूसरी तरफ, सरायकेला प्रखंड की वरीय पदाधिकारी सह भूमि सुधार उपसमाहर्ता श्रीमती निवेदिता नियति ने गम्हरिया और कोलाबीरा पंचायत में मोर्चा संभाला।

  • कोलाबीरा आंगनबाड़ी केंद्र में उन्होंने बच्चों को मिलने वाले पोषाहार, उनकी उपस्थिति और वजन मशीन की कार्यशीलता को जांचा। इसके बाद स्वास्थ्य उपकेंद्र पहुंचकर दवाओं की उपलब्धता और एएनएम की उपस्थिति का रिकॉर्ड देखा।
  • एलआरडीसी ने ‘अबुआ आवास योजना’ के लाभार्थियों से सीधे मुलाकात कर निर्माण कार्य की प्रगति जानी। उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया कि शत-प्रतिशत योग्य और जरूरतमंद लाभुकों को इस योजना से जोड़ा जाए।

निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने अधीनस्थ कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर सुधार करने के निर्देश दिए हैं:

  1. सभी लंबित विकास योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
  2. मनरेगा में मानव दिवस बढ़ाए जाएं और सभी जॉब कार्डधारियों को काम दिया जाए।
  3. विद्यालयों में शत-प्रतिशत बच्चों का नामांकन और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित हो।
  4. आवास योजनाओं में जियो टैगिंग और अगली किस्तों के भुगतान की प्रक्रिया को तेज किया जाए।
  5. लाभुक चयन में पूरी पारदर्शिता बरती जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति न छूटे।

“इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य जमीनी हकीकत को जानना और विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को तुरंत दूर करना है। सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचना चाहिए।”

इस औचक निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी , अंचलाधिकारी , प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (BPO) सहित कई विभागीय कर्मचारी मौके पर मौजूद थे।

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